कैथल: अपनी शक्ति पहचानें और आत्मविश्वास से करें गांव का विकास : डीसी अपराजिता
कैथल, 06 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त अपराजिता ने महिला सरपंचों से आह्वान किया है कि वे अपनी शक्तियों को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपने गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरपंच जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
लघु सचिवालय सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक के दौरान डीसी ने महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और गांव के विकास के लिए नए-नए सुझाव लेकर आएं। उन्होंने पंचायतों के रिकॉर्ड की भी जांच की और गांवों की जनसंख्या, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा सफाई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
डीसी अपराजिता ने निर्देश दिए कि पंचायतें सरकारी फंड का सही उपयोग करें और समय-समय पर ग्राम सभाएं आयोजित करें। उन्होंने सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, लाइब्रेरी और कम्युनिटी सेंटर का नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। यदि किसी संस्थान में सफाई कर्मचारी की कमी है, तो पंचायत प्रस्ताव पास कर अपने स्तर पर व्यवस्था करने को कहा।
बैठक में मॉडल विलेज की अवधारणा पर जोर देते हुए डीसी ने कहा कि पूरे गांव को एक साथ बदलने के बजाय छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। जैसे किसी एक आंगनवाड़ी को मॉडल आंगनवाड़ी बनाना या स्कूल के एक कमरे को प्रयोगशाला के रूप में विकसित करना।
डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति, लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक पेंशन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल विविधीकरण योजना और पशुपालन विभाग की डेयरी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि गांवों में मुनादी करवाकर पात्र लोगों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं।
बैठक में महिला सरपंचों ने अपने गांवों की विभिन्न समस्याएं भी साझा कीं। इस पर डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह बैठक एक श्रृंखला की शुरुआत है और आने वाले समय में ऐसी और बैठकें आयोजित की जाएंगी। अगली बैठक में सरपंच अपने-अपने गांवों में किए गए विकास कार्यों की जानकारी आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करें। छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। इस अवसर पर डीडीपीओ ऋतु लाठर, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. सूर्या खटकड़, जिला कल्याण अधिकारी सीमा, समाज कल्याण अधिकारी अमितेंद्र श्योकंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

