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एचपीएससी प्रशासनिक ढांचा: डिप्टी सेक्रेटरी पद की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग

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चंडीगढ़, 06 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के प्रशासनिक ढांचे में डिप्टी सेक्रेटरी पद को स्पष्ट वैधानिक मान्यता देने की मांग को लेकर सोमवार को राज्य सरकार के समक्ष कानूनी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, एचपीएससी के अध्यक्ष, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, मानव संसाधन विभाग, एडवोकेट जनरल, लीगल रिमेम्ब्रेंसर तथा हरियाणा लोकायुक्त को भेजे गए प्रतिवेदन में संबंधित सेवा नियमों और कैडर व्यवस्था का हवाला देते हुए सरकार से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकता होने पर नियमों में संशोधन करने का अनुरोध किया गया है।

प्रतिवेदन में कहा गया है कि 23 दिसंबर, 2025 को जारी हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) स्ट्रेंथ एंड कंपोजिशन ऑर्डर में एचपीएससी के डिप्टी सेक्रेटरी पद का अलग से उल्लेख नहीं है। इसमें यह भी कहा गया है कि जिन पदों को एचसीएस अधिकारियों के लिए अधिसूचित किया गया है, उनका आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है। उदाहरण के तौर पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के सचिव पद का नाम शामिल है।

प्रतिवेदन के अनुसार, एचपीएससी (ग्रुप-ए) सेवा नियम, 1997 तथा 2024 के नियमों में भी डिप्टी सेक्रेटरी पद का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। इसमें सरकार से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है कि यदि यह पद किसी अन्य अधिसूचना, कार्यकारी आदेश, कैडर विनियमन या वैधानिक प्रावधान के तहत स्वीकृत है तो उसका विवरण सार्वजनिक किया जाए।

प्रतिवेदन में कहा गया है कि यदि इस पद के लिए पृथक वैधानिक व्यवस्था मौजूद नहीं है तो संबंधित सेवा नियमों तथा हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) स्ट्रेंथ एंड कंपोजिशन ऑर्डर में संशोधन कर इसे स्पष्ट वैधानिक मान्यता दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा