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उपराष्ट्रपति करेंगे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव का उद्घाटन

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उपराष्ट्रपति करेंगे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव का उद्घाटन


चंडीगढ़, 21 जनवरी (हि.स.)। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के 39वें संस्करण का उद्घाटन 31 जनवरी को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस बार अंतराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव के लिए लोकल से ग्लोबल, आत्मनिर्भर भारत की पहचान टैगलाइन जारी की गई है। दस दिन बाद सूरजकुंड में अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों, बुनकरों, हस्तशिल्पियों के अनुभव व प्रतिभा के प्रदर्शन के अंतरराष्ट्रीय मंच को आकर्षक, अनूठा बनाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है।

प्रदेश के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को चंडीगढ़ में बताया कि तीन शनिवार, तीन रविवार के साथ 16 दिन तक चलने वाले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव का उद्घाटन 31 जनवरी को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे, जबकि 15 फरवरी को हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर अशीम कुमार घोष समापन करेंगे। पर्यटन मंत्री डाॅ अरविंद शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में विभाग सूरजकुंड मेले के आकर्षण और छटा को साल दर साल विस्तार देने व मेला को तकनीकी तौर पर सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि शिल्प महोत्सव को पहली बार टैगलाइन लोकल से ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान के साथ शुरू किया जाएगा, ताकि शिल्प महोत्सव के लक्ष्य और कारीगरों को सशक्त बनाने, पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करने और कुशलता से बनाई गई विरासत कृतियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के मकसद से एक प्रतिष्ठित वैश्विक मंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाया जाएगा।

पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने बताया कि शिल्प महोत्सव में सहयोगी राष्ट्र मिश्र (इजिप्ट) के प्राचीन इतिहास और जीवंत संस्कृति के मिश्रण से भरपूर ऐतिहासिक पिरामिड, लक्सोर के प्राचीन मंदिर, कैरो के जीवंत बाजार से भरपूर प्राचीन व आधुनिक सांस्कृतिक विधाओं से भरपूर पैवेलियन तैयार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश दूसरी बार व मेघायल स्वतंत्र रूप से पहली बार थीम स्टेट के तौर पर शामिल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र (विकास आयुक्त, हथकरघा व हस्तशिल्प), विदेश मामले व सांस्कृतिक मंत्रालय, आईसीसीआर, प्रदेश सरकार व पर्यटन विभाग मिलकर सूरजकुंड में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय हस्तशिल्प, हथकरघा, संस्कृति और व्यंजनों की बेहतरीन परंपराओं को प्रदर्शित करेगा। वहीं सांस्कृतिक भागीदार के तौर पर उत्तर पूर्वी हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम और कला एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से कलाकारों द्वारा विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय बुनकरों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों को 1200 स्टाॅल्स अलाॅट किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा