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अध्यापकों की एक्सटेंशन पर सख्त हुआ शिक्षा विभाग

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-सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने को छह माह पहले भेजनी होगी फाइल

-निदेशालय ने दी देरी पर कार्रवाई की चेतावनी

चंडीगढ़, 29 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में ग्रुप ए व बी के अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सेवा जारी रखने के मामलों में बरती जा रही कोताही पर शिक्षा निदेशालय सख्त हो गया है। विभाग ने 55 से 58 वर्ष तथा 58 से 60 वर्ष तक सेवा-विस्तार के मामलों को लेकर शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की ओर से निदेशक एससीईआरटी गुरुग्राम, सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि जिला स्तर पर लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निदेशालय के संज्ञान में आया है कि क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सेवा-वृद्धि से संबंधित मामले समय पर निदेशालय को नहीं भेजे जा रहे हैं। जारी किए पत्र में नाराजगी जताई गई है कि सेवानिवृत्ति मामलों के संबंध में कई बार विभागीय दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उनका अपेक्षित रूप से पालन नहीं हो रहा।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा के मुख्य सचिव की हिदायतों के मुताबिक संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के 55 वर्ष की आयु पूरी होने से कम से कम छह माह पहले सेवा-वृद्धि का मामला निदेशालय को भेजा जाना जरूरी है। ऐसे मामलों का मुख्यालय स्तर पर एक माह के भीतर निपटारा किया जाना निर्धारित है।

निदेशालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना या फिर किसी कर्मचारी का मामला 55 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद देरी से प्रस्तुत किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी को दंड नियम-7 के तहत उत्तरदायी माना जाएगा। जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सेवा-विस्तार से संबंधित मामलों को निर्धारित समयसीमा में भेजना सुनिश्चित करें, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा