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कैथल : चेयरमैन-पूर्व चेयरमैन की खींचतान में तीन साल से अटकी बलिदानियों की प्रतिमाओं की पेमेंट

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कैथल : चेयरमैन-पूर्व चेयरमैन की खींचतान में तीन साल से अटकी बलिदानियों की प्रतिमाओं की पेमेंट


कैथल, 11 सितंबर (हि.स.)। छगांवों में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों की प्रतिमाएं लगाने का काम तो हो गया, लेकिन इन प्रतिमाओं को तैयार करने वाली एजेंसी की करीब तीन साल से पेमेंट अटकी हुई है। शुक्रवार को जिला परिषद हाउस की बैठक में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। वार्ड नंबर 15 के पार्षद मनीष कुमार ने सवाल किया कि जब 25 प्रतिमाएं गांवों में स्थापित की जा चुकी हैं तो फिर संबंधित एजेंसी का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा।

करीब पांच माह बाद हुई जिला परिषद की बैठक में 20 में से 15 पार्षद मौजूद रहे। बैठक के दौरान पार्षद मनीष कुमार ने कहा कि जिले में बलिदानियों की प्रतिमाएं लगाने का काम शुरू हुए काफी समय हो चुका है। अब तक 25 प्रतिमाएं गांवों में लगाई जा चुकी हैं, जबकि 42 प्रतिमाएं तैयार होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद एजेंसी को भुगतान नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार केवल तीन प्रतिमाओं की पेमेंट हुई है और वह भी पूरी नहीं है। मनीष ने कहा कि प्रतिमाएं लगाने का काम पूर्व चेयरमैन दीपक मलिक के कार्यकाल में शुरू हुआ था और मौजूदा चेयरमैन कर्मबीर कौल के सामने भी यह मामला रखा जा चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को आपसी विवाद से ऊपर उठकर एजेंसी की लंबित पेमेंट जारी करवानी चाहिए। भुगतान नहीं होने के कारण एजेंसी का बाकी काम भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बलिदानियों के सम्मान में शुरू किए गए काम की पेमेंट को इस तरह लटकाना उचित नहीं है।

मामला उठने पर चेयरमैन कर्मबीर कौल ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी है। उनके अनुसार चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन के बीच किसी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं है। पेमेंट में तकनीकी समस्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए जिला परिषद के सीईओ गुलजार मलिक को निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी समस्या सामने आएगी, उसे दूर करवाया जाएगा। पूर्व चेयरमैन एवं वार्ड नंबर दो के पार्षद दीपक मलिक ने भी लंबित भुगतान जारी करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि देश के लिए जीवन बलिदान करने वाले शहीदों की प्रतिमाएं लगाने का काम उनके कार्यकाल में शुरू किया गया था और उस समय इस पहल की सराहना भी हुई थी। दीपक मलिक के अनुसार करीब 25 प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं और लगभग 22 से 23 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि जब सभी पार्षद भुगतान जारी करने के पक्ष में हैं तो इसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उनका भी पूरा समर्थन है कि एजेंसी का लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे