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सोनीपत: जमीनी विवाद में आत्महत्या के ढाई माह बाद मामला दर्ज

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सोनीपत, 10 सितंबर (हि.स.)। खरखौदा

क्षेत्र में 20 जून को जहरीली स्प्रे निगलने के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले

दिनेश की मौत के मामले में करीब ढाई महीने बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। मृतक के भाई प्रवेश

कुमार ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर दिनेश और उसकी पत्नी प्रीति पर लगातार दबाव

बनाया जा रहा था। अब खरखौदा थाना पुलिस ने नौ सितंबर को अदालत में दायर इस्तगासे के

आधार पर मुकदमा दर्ज किया है।

शिकायत

के अनुसार दिनेश की पत्नी प्रीति और प्रवेश की पत्नी मीना ने पैतृक जमीन को लेकर झज्जर

अदालत में सिविल मुकदमा किया था। आरोप है कि इसी मुकदमे को वापस लेने के लिए प्रीति

और दिनेश पर दबाव बनाया जा रहा था। नौ जून को प्रीति को रोहतक के न्यू बस स्टैंड से

जबरन ले जाने और करीब एक सप्ताह तक बंधक रखने का आरोप भी लगाया गया है। इस संबंध में

अर्बन एस्टेट थाना रोहतक में मुकदमा दर्ज हुआ था।

प्रवेश

के अनुसार, 20 जून को शाम दिनेश ने घास मारने वाली जहरीली स्प्रे निगल ली। उसे सिविल

अस्पताल खरखौदा से पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया, जहां 21 जून की रात उसकी मौत हो

गई। शिकायत में कहा गया है कि मौत से पहले दिनेश ने पीजीआईएमएस में हेड कांस्टेबल विकास

कुमार के सामने बयान दिया था।

इसमें कथित दबाव, धमकी और प्रताड़ना की बात बताई गई थी।

प्रवेश का आरोप है कि पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज नहीं किया और केवल डीडी एंट्री की।

इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों, डीजीपी हरियाणा और अन्य स्तरों पर शिकायत दी। कार्रवाई

नहीं होने पर खरखौदा की एसडीजेएम अदालत में स्तगासा दायर किया गया। पुलिस ने नौ सितंबर

को मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की विशेष रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जा

रही है। मामले में आगे जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना