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वर्ल्ड बैंक अधिकारियों के साथ हरियाणा में एआई और डिजिटल गवर्नेंस पर मंथन

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चंडीगढ़, 05 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल गवर्नेंस, कौशल विकास और डेटा-आधारित प्रशासन को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा तकनीक को केवल नवाचार तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उसका लाभ सीधे आम नागरिक तक पहुंचे, यही सरकार का उद्देश्य है।

बैठक के दौरान वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 19 से 22 अक्टूबर तक कोरिया में आयोजित होने वाले कोरिया डिजिटल समिट में वर्ल्ड बैंक द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से विकसित एआई सैंडबॉक्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर के आईटी मंत्री और डिजिटल क्षेत्र के विशेषज्ञ इसकी उपलब्धियों से अवगत होंगे। वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी इस समिट में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्य इस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। अब समय की जरूरत को देखते हुए इसे और अधिक आधुनिक तथा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए पीपीपी 2.0 विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा व्यापक डेटा एक्सचेंज पॉलिसी और डेटा लेक विकसित कर विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के सहज आदान-प्रदान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। इससे नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णय अधिक सटीक एवं प्रभावी होंगे।

मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक से हरियाणा एआई एंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शीघ्र शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसके तहत प्रस्तावित एआई गुरुकुल युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण और प्रत्येक जिले में कौशल केंद्र विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए समर्पित एआई मॉडल तैयार करने का सुझाव भी रखा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एयर क्वालिटी डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित करने में वर्ल्ड बैंक से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में चीन के अध्ययन दौरे से लौटे अधिकारियों ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक प्रणालियों की जानकारी साझा की है। हरियाणा भी अपने क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम तकनीकों और एआई आधारित समाधान अपनाकर वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित इनोवेशन चैलेंज में लगभग 250 कंपनियों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जो हरियाणा में तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा