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हांसी : बिजली पानी की मांग पर चानौत गांव में 51 महिलाएं बैठी भूख हड़ताल पर

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हांसी : बिजली पानी की मांग पर चानौत गांव में 51 महिलाएं बैठी भूख हड़ताल पर


ग्रामीणों पर दर्ज किए गए मुकदमों पर उठाए सवाल

ग्रामीण ने किया आंदोलन तेज करने का ऐलान

हांसी, 03 जून (हि.स.)। बरवाला रोड स्थित गांव

चानौत में बिजली व पानी की मांग पर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार 19वें दिन भी जारी रहा।

आंदोलन के 19वें दिन बुधवार को धरनास्थल पर 51 महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी, जिनमें

एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक गांव

की बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।

भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी

दी है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला

गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द गांव की बिजली व पानी की समस्याओं का समाधान नहीं

किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

धरना स्थल पर अनशन पर बैठी 80 वर्षीय बुजुर्ग

महिला रामरती ने बताया कि ग्रामीण केवल अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं की मांग कर

रहे हैं। बिजली व पानी हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल है। गांव के लोगों

की मांगें पूरी तरह जायज हैं और वह अपनी उम्र की परवाह किए बिना इस लड़ाई में ग्रामीणों

के साथ खड़ी हैं।

प्रशासन ग्रामीणों पर दर्ज कर रहा मुकदमे : पूर्व

सरपंच

धरनास्थल पर मौजूद पूर्व सरपंच सत्यवान ने आरोप

लगाया है कि प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर डराने का

प्रयास कर रहा है लेकिन ग्रामीण इस तरह के प्रयास से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने

कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर अपनी बात रखने वाले ग्रामीणों को कानूनी कार्रवाई

का भय दिखाना उचित नहीं है। सत्यवान ने प्रशासन से दर्ज मामलों को वापस लेने की भी

मांग की।

ग्रामीणों का विरोध अपनी जमीन के स्वामित्व को

लेकर : विशाखा

धरने में सक्रिय भूमिका निभा रहीं विशाखा चौधरी

ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति

के बिना उनकी जमीन में खुदाई की गई है। चौधरी ने दावा किया कि जमीन पैमाइश रिपोर्ट

में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए विभाग ने किसानों की एक से दो

करम तक भूमि का उपयोग किया है लेकिन प्रशासन द्वारा किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं

दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर