यमुनानगर:महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण व जल संरक्षण पर दिया जोर
यमुनानगर, 08 मार्च (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से खंड बिलासपुर के गांव रानी खुर्द में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सामाजिक भूमिका और जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभाग की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और वर्ष 2026 के महिला दिवस की थीम “गिव टू गेन” के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस थीम का मुख्य उद्देश्य समाज में लैंगिक समानता को मजबूत करना और जल संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि 8 मार्च का दिन उन महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने साहस, परिश्रम और समर्पण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महिला परिवार और समाज की आधारशिला होती है, जो विभिन्न भूमिकाओं में रहकर समाज के विकास में अहम योगदान देती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, व्यापार और रक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
स्वतंत्रता के बाद हुए सामाजिक और शैक्षिक सुधारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान की हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं को भेदभाव और असमान अवसरों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी चुनौतियां भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा जब समाज में व्यवहारिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव आएगा। देश की प्रगति के लिए पुरुष और महिला दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल और जल गुणवत्ता के प्रति जागरूक किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

