home page

राेहतक: कर्मचारियाें की हड़ताल शुरू होने के बाद ही क्यों जागती है सरकार: वीरेंद्र सिंह धनखड

 | 

नगरपालिका व अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल का रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन ने किया समर्थन

11 अगस्त से प्रस्तावित बिजली कर्मियों की हड़ताल को भी दिया समर्थन

रोहतक, 08 अगस्त (हि.स.)। ऑल रिटायर कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन रोहतक ने प्रदेश में चल रही नगरपालिका एवं अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल का शनिवार काे पूर्ण समर्थन किया। एसोसिएशन ने सरकार से सवाल किया कि किसी भी वर्ग के आंदोलन के उग्र होने से पहले ही वार्ता की मेज पर बैठकर समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया जाता। एसोसिएशन ने चेताया कि सरकार की देरी का खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ता है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह धनखड़ और प्रदेश महासचिव सत्यवान शास्त्री ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का समाधान आंदोलन शुरू होने से पहले करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका एवं अग्निशमन कर्मचारियों को भी सरकार की वायदा खिलाफी के चलते हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। वीरेंद्र सिंह धनखड़ ने कहा कि सरकार के दो मंत्रियों के साथ पूर्व में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें अब धरातल पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से तत्काल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवाने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन विभाग जैसी सेवाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हैं। लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने से शहरों में सफाई, कचरा उठान और अन्य आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। एसोसिएशन ने 11 अगस्त से प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का भी पुरजोर समर्थन किया है। धनखड़ ने कहा कि बिजली निगमों के निजीकरण के प्रयासों का विरोध जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और जनता के खून-पसीने से खड़ी की गई बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के बजाय सरकार को निगमों की कार्यप्रणाली सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

धनखड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और समय रहते समाधान निकाले। आंदोलन लंबा खिंचने पर न केवल कर्मचारियों बल्कि आम जनता को भी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन को देखते हुए सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर बातचीत शुरू करनी चाहिए, ताकि व्यवस्था प्रभावित होने और आमजन को होने वाली परेशानी को रोका जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल