जींद : अमरूत योजना अधूरी, आखिर कैसे निकलेगा बरसाती पानी
जींद, 30 जुलाई (हि.स.)। जींद शहर में करोड़ों रुपये की लागत से लागू की गई अमरूत योजना के बावजूद अनेक स्थानों पर बरसाती जल निकासी के लिए आवश्यक चैंबर नहीं बनाए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि हर वर्ष बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिससे आम नागरिकों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब बारिश का सीजन शुरू है। ऐसे में जरा सी बारिश ही आमजन के लिए परेशानी का सबब बन जाएगी।
रोहतक रोड बाईपास के आगे नई अनाज मंडी गेट के सामने वाली लाइन में भी बरसाती चैंबर नही है। बरसाती चैंबर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इन स्थानों पर चैंबर न होने के कारण प्रत्येक बारिश में सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है, जिससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होता है और राहगीरों व वाहन चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रधान डा. राजकुमार गोयल ने इस गंभीर जनसमस्या को उठाते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर में जहां-जहां बरसाती चैंबर नहीं बनाए गए हैं वहां प्राथमिकता के आधार पर उनका निर्माण कराया जाए। गोयल ने बताया कि अमरूत योजना के तहत वर्षों पहले सीवरेज पाइप लाइन तो बिछा दी गई लेकिन कई स्थानों पर बरसाती जल निकासी के लिए आवश्यक चैंबर नहीं बनाए गए हैं।
परिणामस्वरूप बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाता और जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है। जिला प्रशासन को चाहिए कि पूरे शहर का सर्वे कराकर जहां-जहां बरसाती चैंबरों की कमी है, वहां शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी गेट के सामने बरसाती चैंबर का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग की है ताकि वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह किसी एक क्षेत्र का नही बल्कि जनहित का विषय है। यदि प्रशासन समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम उठाता है तो हजारों नागरिकोंए व्यापारियों और राहगीरों को राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

