हिसार जिला पुलिस की नई पहल, अब हर थाना बनेगा अपने इलाके की समस्या का प्रहरी
‘एक थाना-एक जिम्मेदारी’ में अपराध की प्रवृत्ति से लेकर जनसमस्याओं तक
पर रहेगा फोकस
हिसार, 13 सितंबर (हि.स.)। अपराध नियंत्रण को
अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला पुलिस ने एक थाना-एक जिम्मेदारी की नई कार्यप्रणाली
शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और अपराध की प्रवृत्तियों
की पहचान कर उनके समाधान की जिम्मेदारी लेगा। थाना प्रभारियों को केवल मुकदमों की जांच
तक सीमित रहने के बजाय अपराध रोकने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने
के निर्देश दिए गए हैं।
इस पहल के तहत थानों को अपने क्षेत्र में नशा
तस्करी के संभावित हॉटस्पॉट, साइबर अपराध की स्थिति, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात
व्यवस्था, स्कूलों-बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों की पहचान
करनी होगी। इसके साथ ही जमानत पर बाहर आए गंभीर मामलों के आरोपियों की गतिविधियों और
आमजन की शिकायतों पर हुई कार्रवाई की भी निगरानी की जाएगी।
थाना स्तर पर किए गए कार्यों की हर महीने समीक्षा
होगी। इसमें केवल दर्ज मामलों और कार्रवाई की संख्या नहीं, बल्कि अपराध में कमी, नशे
पर नियंत्रण, साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा और आमजन के विश्वास में सुधार जैसे वास्तविक
परिणामों को आधार बनाया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने रविवार काे कहा कि प्रत्येक
थाना अपने क्षेत्र में पुलिस का चेहरा है। थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी लोगों से लगातार
संवाद करें, उनकी समस्याओं को समझें और अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ उसे
रोकने की रणनीति पर भी काम करें। उन्होंने कहा कि कागज पर कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन
पर परिणाम पुलिसिंग का आधार होना चाहिए। पुलिस की नई कार्यप्रणाली का मूल मंत्र एक थाना-एक
जिम्मेदारी, एक समस्या-एक रणनीति और एक महीना-एक समीक्षा रखा गया है। इसका लक्ष्य अपराध
में कमी लाने के साथ आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

