हांसी : विधायक के गांव में फूटा पानी संकट पर गुस्सा, जलघर पर ताला जड़ धरने पर बैठे ग्रामीण
दूषित पानी की सप्लाई और सात दिन में एक बार पानी
मिलने से नाराजगी, समाधान तक नहीं हटेगा ताला
जनस्वास्थ्य विभाग का दावा: दो अगस्त तक माइनर
की सफाई पूरी होते ही होगी नियमित जलापूर्ति
हांसी, 29 जुलाई (हि.स.)। हांसी के विधायक विनोद
भयाना के पैतृक गांव लोहारी राघो में पेयजल संकट ने बुधवार को बड़ा रूप ले लिया। कई
महीनों से नियमित और स्वच्छ पेयजल नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने जलघर पर ताला जड़कर
धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी
करते हुए चेतावनी दी कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन
जारी रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले लंबे
समय से पीने के पानी की गंभीर किल्लत बनी हुई है। मसूदपुर पनिहारी लिंक माइनर की सफाई
का कार्य चलने के कारण भाखड़ा नहर का पानी जलघर तक नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में ग्रामीणों
को सप्ताह में केवल एक दिन ट्यूबवेल का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को
भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जलघर में बने
पानी के टैंक गंदगी से भरे हुए हैं और बिना सफाई के उसी टैंक का दूषित पानी लोगों तक
पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि गंदा पानी पीने से गांव में एलर्जी, त्वचा रोग
और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी
ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और जनस्वास्थ्य
अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण अपने रुख पर अड़े
रहे और स्पष्ट कहा कि जब तक नियमित एवं स्वच्छ जलापूर्ति शुरू नहीं होती और टैंकों
की सफाई नहीं होती, तब तक जलघर पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा।
जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) मोहित
सांगवान ने बताया कि मसूदपुर पनिहारी लिंक माइनर की सफाई का कार्य दाे अगस्त तक पूरा
होने की संभावना है। इसके बाद जलघर में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जलघर के टैंकों की सफाई भी शीघ्र करवाई जाएगी।
ग्रामीण सोमनाथ, सुभाष जांगड़ा, कृष्ण, बनवारी,
अंकुश, विपिन, मनोहर, जसविंद्र, अमरजीत और प्रताप ने बताया कि गांव में दो करोड़
36 लाख की लागत से नए पानी के टैंक के निर्माण की घोषणा हुई थी, लेकिन आज तक इस पर
काम शुरू नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आंदोलन
और तेज किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

