राेहतक: नहरी पानी की मांग को लेकर कलानौर सहित आठ गांवों के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
42 दिन में नाममात्र पानी मिलने का आरोप, डिग्गियां और तालाब सूखे; पेयजल संकट के साथ धान की फसल पर भी मंडराया संकट
बारिश नहीं होने से बढ़ी किसानों की परेशानी, बोले, जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क जाम करेंगे
रोहतक, 03 अगस्त (हि.स.)। नहरी पानी की किल्लत के चलते कलानौर क्षेत्र के आठ गांवों के ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेताया कि जल्द नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया तो वे सड़क पर उतरकर जाम लगाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 42 दिन में नहरों में नाममात्र का पानी पहुंच रहा है। इसके कारण गांवों की डिग्गियां और तालाब भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।
सोमवार को कलानौर क्षेत्र के ग्रामीण लघु सचिवालय पहंुचे और अधिकारियों से मुलाकात की। ग्रामीणों का कहना है कि नहरी पानी न मिलने के कारण गांवों में पशुओं के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है और पीने के पानी के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय धान की फसल को पर्याप्त पानी की जरूरत है। मानसून के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में किसान नहर के पानी पर निर्भर हैं, लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण धान की फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहरी पानी नहीं मिला तो फसल की पैदावार पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसान भूप सिंह, सुशील, राजेंद्र, महेंद्र और सतवीर सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि नहरी पानी की समस्या कोई नई नहीं है, लंबे समय से क्षेत्र के किसान पर्याप्त पानी की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
नहरी पानी की कमी का असर केवल कलानौर क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि सांपला क्षेत्र के ग्रामीण भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नहरी पानी नहीं मिलने के कारण गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर एक सप्ताह में एक बार पेयजल सप्लाई हो पा रही है। लोगों को अपनी जरूरत का पानी जुटाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ आर रोहिला ने भी माना कि नहरी पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है, नहरी पानी की उपलब्धता होने पर ही जलघरों और डिग्गियों में पर्याप्त पानी पहुंच पाता है, लेकिन नहरों में पानी नहीं आने से पूरी व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

