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नूंह में पहली बार ‘बहादुरों की बहादुरी’ कार्यक्रम, शहीदों के परिजनों व वीरांगनाओं का हुआ सम्मान

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नूंह में पहली बार ‘बहादुरों की बहादुरी’ कार्यक्रम, शहीदों के परिजनों व वीरांगनाओं का हुआ सम्मान


नूंह, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मेवात की धरती पर रविवार को पहली बार ‘बहादुरों की बहादुरी—ब्रेवेस्ट ऑफ द ब्रेव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों के परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित कर उनके बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम के साथ 22 ग्रेनेडियर अशोक पलटन की चार्ली कंपनी के प्रथम मिलन समारोह-2026 का भी आयोजन किया गया। नूंह की हिदायत कॉलोनी में आयोजित इस समारोह का नेतृत्व क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी एवं रानीका गांव के पूर्व सरपंच हाजी ईशा खान ने किया। हाजी ईशा खान स्वयं भी इस पलटन में सेवाएं दे चुके हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि फौजी हमेशा समाज के लिए आदर्श होता है। वह ईमानदारी, अनुशासन और आदर्श नागरिकता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि नूंह की धरती का इतिहास कुर्बानी और देशभक्ति से जुड़ा रहा है। यहां के लोगों ने अलग-अलग दौर में देश के लिए संघर्ष किया है। कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना ने अपनी बहादुरी, जज्बे और देशभक्ति का परिचय दिया है। आयोजक हाजी ईशा खान ने बताया कि ‘बहादुरों की बहादुरी’ कार्यक्रम 22 ग्रेनेडियर अशोक पलटन की चार्ली कंपनी के शहीदों की स्मृति में आयोजित किया गया है। मेवात में पहली बार इस तरह का आयोजन होना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। समारोह में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद, अशोक चक्र विजेता शहीद मेजर राजीव कुमार और शौर्य चक्र विजेता शहीद नायक जरदीश अहमद के परिजनों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा नायक जाकिर हुसैन, नायक आबिद खान, इंतजार अली, अमीरुद्दीन, हसन मोहम्मद, हसन अली, आस मोहम्मद, मुमताज अली, मोहम्मद इश्तियाक खान, रिजवान, रियासत, नायक अहमद, अनवर हुसैन और जुबैर अहमद सहित विभिन्न वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों को याद किया गया। उनके योगदान को नमन करते हुए उनके परिवारों का सम्मान किया गया। विधायक आफताब अहमद ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले जिला सैनिक बोर्ड गुरुग्राम में था। करीब दो साल पहले इसे अस्थायी रूप से नूंह में शुरू करवाया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मरोड़ा में जिला सैनिक बोर्ड स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुविधाएं मिल सकेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया