हरियाणा विधानसभा में वंदे मातरम पर हंगामा,कांग्रेस ने किया वाकआउट
चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान वंदेमातरम् पर खूब हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुस्लिम लीग के विरोध के कारण 1937 में जवाहर लाल नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा था कि यह मुस्लिमों की भावनाओं के खिलाफ है, तब कांग्रेस ने वंदेमातरम् पर समझौता कर लिया था और इसके टुकड़े कर दिए थे। कांग्रेस ने उस समय मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे।
मुख्यमंत्री के यह कहते ही सदन में कांग्रेस विधायकों ने हंगामा कर दिया। स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने विधायकों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया। इस पर नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष के विधायक सवाल करते हैं, सरकार से जवाब मांगते हैं, लेकिन जब सरकार इन्हें जवाब देती है तो सुनने की बजाय वाकआउट कर चले जाते हैं। वाकआउट करने के थोड़ी देर बाद कांग्रेस विधायक सदन में लौट आए थे।
नायब सैनी ने कहा कि राजनीति बापू की भावनाओं पर भारी पड़ गई।
मुस्लिम लीग के विरोध के कारण 1937 में जिन्ना ने इसका विरोध किया। फिर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष ने वंदेमातरम् की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मुस्लिम लीग के विरोध के कारण 1937 में नेहरू ने नेताजी को जो पत्र लिखा, उसमें कहा गया कि मैंने वंदेमातरम् गीत का बैकग्राउंड पढ़ा है, और इससे मुस्लिम भड़क जाएंगे। नायब सैनी ने सवाल पूछा कि यह किस प्रकार का कांग्रेस का चेहरा था।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान वंदेमातरम् पर कटाक्ष किया था। हमारे लिए यह बड़े गर्व और गौरव की बात है कि इस बार के अधिवेशन की शुरूआत वंदेमातरम् से हुई है। विपक्ष के लोगों ने इसी पर कटाक्ष किया है। हम वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के साक्षी बने हैं।
नायब सैनी ने कहा कि वंदेमातरम् हमारे राष्ट्र की आत्मा और हमारी सांस्कृतिक चेतना है। हजारों-लाखों युवाओं के मन में ऊर्जा भरने का काम करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

