हिसार : रात को बनी सड़क, सुबह होते ही उखड़ी बजरी, निर्माण में धांधली पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
गामड़ा से राखीगढ़ी तक बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से जांच कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
की
हिसार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन
और विकास कार्यों में पारदर्शिता के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण कार्यों
की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। नारनौंद क्षेत्र के गांव गामड़ा से राखीगढ़ी
तक बनाई जा रही सड़क का मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार
रात को बनाई गई सड़क शनिवार सुबह होते ही टूटने लगी। सड़क की हालत देखकर गुस्साए ग्रामीणों
ने मौके पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल
करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत देकर मामले
की जांच करवाने की मांग की है।
गांव गामड़ा निवासी कुलदीप, किताब सिंह, रामकेश, बिल्लू, बलजीत, रणबीर, रमेश
और सोनू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गामड़ा से राखीगढ़ी तक सड़क निर्माण का कार्य
चल रहा है। शुक्रवार रात को ठेकेदार की ओर से सड़क बनाई गई थी, लेकिन शनिवार सुबह जब
राहगीर और ग्रामीण वहां से गुजरे तो सड़क की बजरी उखड़ने लगी और कई जगह से सड़क टूट
गई। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य
की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई
है। मिट्टी के ऊपर ही कम मात्रा में तारकोल डालकर बजरी बिछा दी गई, जिसके कारण सड़क
एक रात भी नहीं टिक पाई। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद ठेकेदार के एक कर्मचारी से निर्माण
में इस्तेमाल की गई सामग्री से संबंधित दस्तावेज मांगे तो कर्मचारी कथित तौर पर कोई
कागजात नहीं दिखा पाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं
बरती गई हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त
नहीं की जाएगी।
तीन साल तक ठेकेदार की होगी जिम्मेदारी : एसडीओ
इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ रोहतास दहिया ने बताया कि सड़क निर्माण
में अनियमितता की शिकायत मिली है। यदि जांच में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि
होती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि
सड़क निर्माण के बाद तीन वर्ष तक उसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। इस अवधि में सड़क
जहां से भी टूटेगी, ठेकेदार को उसे ठीक करवाना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

