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उचाना चुनाव विवाद: आईएएस अधिकारी विवेक आर्य ने हाईकोर्ट में दी गवाही

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चंडीगढ़, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के उचाना विधानसभा चुनाव विवाद पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को आईएएस अधिकारी विवेक आर्य की गवाही हुई। उन्हाेंने बताया कि पोस्टल बैलेट का रिवेरिफिकेशन कराया था। उस समय वहां पर सिर्फ अधिकारीगण, जीतने वाले पक्ष के लोग ही मौजूद थे। हारने वाले पक्ष का कोई भी व्यक्ति उस समय वहां मौजूद नहीं था।

विधानसभा चुनाव के परिणाम के खिलाफ मार्च में बृजेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कहा था कि जो कैंसिल या रिजेक्ट वोट होते हैं, यदि उसका अंतर इलेक्शन की हार-जीत के अंतर से ज्यादा है, तो गिनती खत्म होने के बाद उन सभी कैंसिल वोटों की दोबारा से जांच रिटर्निंग अधिकारी को मौके पर करनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह ने कहा था कि 150 वोट केवल इसलिए कैंसिल किए गए हैं, क्योंकि पोस्टल बैलेट के लिफाफे के ऊपर जो स्कैनर था, उनकी स्कैनिंग नहीं हो पा रही थी, इसलिए वो रिजेक्ट के डिब्बे में डाले गए। जिन वोटों की स्कैनिंग नहीं होती, तो उन लिफाफों को कैसे खोलना है, इसकी भी प्रक्रिया है, जो गिनती के दौरान नहीं की गई। वोटों की जीत-हार का अंतर मात्र 32 वोटों का है, इसलिए यह काउंटिंग जरूरी थी।

जुलाई 2025 में हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। अत्री के वकील ने याचिका पर सवाल उठाए, लेकिन जज ने कहा कि अत्री को इतना डर क्यों लग रहा है। गुरुवार को आईएएस अधिकारी से सवाल किया गया कि क्या उनके द्वारा हारने वाले प्रत्याशी को बुलाया गया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा माइक पर अनाउंस कराया था कि हम इस विधानसभा के पोस्टल बैलेट का रिवेरिफिकेशन करा रहे हैं, लेकिन इसका हमारे पास अभी कोई लिखित रिकार्ड नहीं है। गवाही पूरे होने के बाद अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दूसरे पक्ष यानी बीजेपी विधायक देवेंद्र अत्री से गवाहों की लिस्ट मांगी है। कहा गया है कि 10 अप्रैल तक गवाहों की लिस्ट हाईकोर्ट में सबिट कर दी जाए। यह भी कहा गया है कि मामले में 16 अप्रैल से गवाही शुरू की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा