नूंह: किसानों की बागवानी खेती से बढ़ रही आमदनी, टमाटर व बैंगन की खेती से किसान मालामाल
नूंह, 14 अक्टूबर (हि.स.)। नूंह जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा सेवा-सेतु संकल्प अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहा है। बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान पारंपरिक खेती के साथ टमाटर, बैंगन और अन्य सब्जियों की खेती को अपनाते हुए बेहतर मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। विभाग की ओर से मिलने वाला अनुदान किसानों को खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में मदद कर रहा है। जिले के पांच किसानों की सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना, उनकी आमदनी बढ़ाना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। सेवा-सेतु संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को बागवानी विभाग की योजनाओं, अनुदान के नियमों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। गांव बढ़कालीमुद्दीन के किसान हनीफ ने एक एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर लगभग डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा अर्जित किया। बागवानी विभाग की योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान मिला। सरकारी सहायता से उन्हें खेती में आर्थिक सहयोग मिला।
गांव बढ़कालीमुद्दीन के किसान असरुद्दीन ने टमाटर की खेती से लगभग एक लाख 60 हजार रुपये का मुनाफा कमाया। उन्हें बागवानी विभाग की ओर से 40 हजार 200 रुपये का अनुदान मिला। इसी गांव के किसान मोहम्मद कासिम ने भी एक एकड़ में टमाटर की खेती कर लगभग एक लाख 50 हजार रुपये का मुनाफा अर्जित किया। कासिम को विभाग की योजना के तहत 40 हजार 200 रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
गांव बढ़कालीमुद्दीन के किसान लियाकत ने बागवानी फसलों से लगभग दो लाख रुपये का मुनाफा कमाया। उन्हें विभाग की ओर से 65 हजार रुपये का अनुदान मिला। उनकी सफलता से दूसरे किसानों को भी बागवानी खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने की प्रेरणा मिल रही है। गांव कोटला के किसान तालीम ने बैंगन की खेती को अपनाकर बागवानी क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। उन्हें बागवानी विभाग की ओर से 37 हजार रुपये का अनुदान दिया गया। इस सहायता से उन्हें खेती की लागत में सहयोग मिला।
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि बागवानी विभाग सब्जियों, फलों, फूलों, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। इसके साथ ही मल्चिंग, बांस स्टेकिंग और प्लास्टिक टनल जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र किसानों को अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाएं और बागवानी विभाग की योजनाओं की जानकारी लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें। किसान अपने संबंधित खंड बागवानी कार्यालय में संपर्क कर योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

