हिसार : समाज सेवा के क्षेत्र में यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों के कार्य सराहनीय : डॉ. मदन खीचड़
सोलफेरिनो के युद्ध में घायल सैनिकों की पीड़ा
देखकर मिली रैड क्रॉस जैसे महान मानवीय आंदोलन की प्रेरणा : सुरेन्द्र श्योराण
हकृवि में विश्व रेड क्रॉस दिवस पर कार्यक्रम
आयोजित
हिसार, 08 मई (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
की यूथ रेड क्रॉस इकाई की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रिसेंट
दिवस मनाया गया। यह दिवस विश्व भर में हेनरी ड्यूनांट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता
है, जिन्होंने अपना जीवन मानव सेवा को समर्पित किया तथा वर्ष 1901 में उन्हें नोबेल
शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन खीचड.
मुख्य अतिथि जबकि जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सेवानिवृत सचिव सुरेंद्र श्योराण विशिष्ट
अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. खीचड़ ने कहा कि रेड
क्रॉस द्वारा प्रतिपादित मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वैच्छिक सेवा एवं एकता जैसे
सिद्धांत आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों
द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा विद्यार्थियों
को सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने
कहा कि विद्यार्थियों का जीवन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए,
बल्कि उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता तथा सेवा भावना का विकास भी होना
चाहिए।
मुख्य वक्ता सुरेंद्र श्योराण ने ‘रेड क्रॉस का
इतिहास, उद्देश्य एवं यूथ रेड क्रॉस की गतिविधियां’ विषय पर प्रकाश
डाला। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस आंदोलन की स्थापना वर्ष 1863 में जिनेवा में हेनरी
ड्यूनांट द्वारा की गई थी। सोलफेरिनो के युद्ध में घायल सैनिकों की पीड़ा को देखकर
उन्हें इस महान मानवीय आंदोलन की प्रेरणा मिली। इस
अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लोचन शर्मा एवं डॉ. दीपक कौशिक भी उपस्थित रहे। अंत
में विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के आदर्शों
का पालन करने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

