जींद : 423 प्राथमिक विद्यालयों में हुई निपुण रामलीला, सातों खंडों से 21 सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन
जींद, 03 नवंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने तथा बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं सं यात्मक ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास, भाषा विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निपुण मिशन के तहत मंगलवार को जिले के सभी 423 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुण रामलीला का आयोजन किया गया। इस अनूठी शैक्षणिक गतिविधि में जिले के हजारों नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय स्तर से शुरू हुई यह गतिविधि कलस्टर स्तर और फिर खंड स्तर तक पहुंची। अब सातों खंडों से चयनित 21 सर्वश्रेष्ठ निपुण रामलीला टीमों में से जिला स्तर पर तीन सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन किया जाएगा।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि निपुण मिशन के तहत बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे के लिए निपुण रामलीला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में भाषा कौशल, अभिव्यक्ति की क्षमता, आत्मविश्वास, सही निर्णय लेने की योग्यता, बौद्धिक विकास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना है। रामलीला के पात्रों के माध्यम से बच्चों को संवाद बोलने, मंच पर अपनी बात रखने, समूह में मिलकर कार्य करने तथा विभिन्न परिस्थितियों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यक्रम के अनुसार पहले सभी 423 प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय स्तर पर निपुण रामलीला का मंचन करवाया गया। इसके बाद विद्यालयों की श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन कलस्टर स्तर पर किया गया। कलस्टर स्तर पर चयनित टीमों ने खंड स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जिला स्तर पर होगा सर्वश्रेष्ठ तीन प्रस्तुतियों का चयन
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि अब सभी सातों खंडों से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुल 21 टीमों की निपुण रामलीला की वीडियो जिला स्तर पर चयनित टीम के समक्ष रखी जाएंगी। जिला स्तरीय टीम निर्धारित मापदंडों के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ निपुण रामलीला प्रस्तुतियों का चयन करेगी। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को विशेष अवसर प्रदान किया जाएगा। इस टीम द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में निपुण रामलीला का मंचन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि निपुण रामलीला केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी शैक्षणिक माध्यम है। जब बच्चा स्वयं किसी पात्र की भूमिका निभाता है, तो वह संवादों को समझने, याद रखने और आत्मविश्व
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

