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हिसार : पंजाब सरकार ने विद्यार्थियों पर वाटर कैनन चलाकर लोकतंत्र का गला घोंटा : कमलदीप अत्री

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हिसार : पंजाब सरकार ने विद्यार्थियों पर वाटर कैनन चलाकर लोकतंत्र का गला घोंटा : कमलदीप अत्री


पेपर लीक पर चुप, छात्रों पर डंडा, यही है पंजाब सरकार का शिक्षा मॉडल : कमलदीप

अत्री

हिसार, 06 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गुरु जंभेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार इकाई के अध्यक्ष एवं अभाविप हरियाणा प्रांत सोशल

मीडिया संयोजक कमलदीप अत्री ने कल अभाविप पंजाब द्वारा पंजाब विधानसभा घेराव के दौरान

आयोजित शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज,

वाटर कैनन, धक्का-मुक्की तथा बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों

की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और छात्र अधिकारों पर

सीधा हमला बताया है।

कमलदीप अत्री ने गुरुवार काे कहा कि भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि

वह विद्यार्थियों के सवालों का जवाब संवाद से नहीं, बल्कि लाठियों और पुलिसिया दमन

से देना चाहती है। सत्ता में आने से पहले युवाओं को पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और रोजगार

के सपने दिखाने वाली सरकार आज पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और विश्वविद्यालयों

की समस्याओं पर मौन है, जबकि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे विद्यार्थियों पर वाटर

कैनन और लाठियां बरसाई जा रही हैं।

कमलदीप ने कहा कि पंजाब में लगातार पेपर लीक की घटनाएं, शिक्षकों के हजारों

रिक्त पद, छात्रसंघ चुनावों पर रोक और उच्च शिक्षा संस्थानों की बदहाल स्थिति सरकार

की विफलताओं का प्रमाण हैं। इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार द्वारा लोकतांत्रिक

विरोध को बलपूर्वक दबाने का प्रयास करना यह दर्शाता है कि भगवंत मान सरकार विद्यार्थियों

की आवाज़ से डर चुकी है। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी

अभाविप कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, उनके विरुद्ध

दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, अब तक हुए सभी पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध

जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए तथा विद्यार्थियों की दस सूत्रीय मांगों पर तत्काल

सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि लाठी, वाटर कैनन और गिरफ्तारियों के बल

पर विद्यार्थियों की आवाज़ को कभी दबाया नहीं जा सकता। यदि पंजाब सरकार ने अपना दमनकारी

रवैया नहीं छोड़ा और विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी जारी रखी, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी

परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपना संघर्ष

निरंतर जारी रखेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर