हिसार : धार्मिक आयोजन के नाम पर चलाई लाटरी, सरकार को लगाया लाखों का चूना
हिसार, 09 मार्च (हि.स.)। आदमपुर में एक संस्था की ओर से धार्मिक आयोजन की आड़ में बिना अनुमति लाटरी सिस्टम चलाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस तरीके से लाखों रुपये का लेन-देन हुआ, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और विभाग को शिकायत देने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार हाल ही में शहर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने श्रद्धालुओं से कूपन के नाम पर राशि एकत्रित की और उसके बदले लाटरी सिस्टम के माध्यम से इनाम देने की व्यवस्था की। बताया जा रहा है कि यह पूरा सिस्टम बिना किसी सरकारी अनुमति के संचालित किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों में लाटरी चलाने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन आयोजकों ने नियमों की अनदेखी कर कार्यक्रम में लाटरी चला दी। इससे सरकार को टैक्स के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान हुआ है। लोगों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों की आड़ में इस प्रकार के अवैध काम नहीं होने चाहिए।कार की छत पर रखा बाबा का पावन शीश, लोगों में रोषआदमपुर के श्याम प्रेमियों का आरोप है कि संबंधित संस्था के कुछ पदाधिकारियों ने बाबा के पावन शीश को कार की छत पर रखकर चुनावी जुलूस निकाल दिया। इस घटना को लेकर शहर के श्याम भक्तों में गहरा रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बाबा के पावन शीश को हमेशा पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ विराजमान किया जाता है, लेकिन यहां धार्मिक मर्यादाओं की अनदेखी की गई। भक्तों के अनुसार इस प्रकार से कार की छत पर शीश रखकर जुलूस निकालना आस्था के साथ खिलवाड़ है। श्याम प्रेमियों ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों का उपयोग किसी भी प्रकार के निजी या चुनावी उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों से जवाब देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

