हिसार : बाइक सवारों को 100 मीटर तक घसीटने के आरोप में युवती को दूसरी बार भी जमानत नहीं
डाबड़ा चौक हादसे में एक युवक की मौके पर मौत,
दूसरे ने उपचार के दौरान तोड़ा दम
अदालत ने कहा- पहली नजर में मामला महज लापरवाही
से वाहन चलाने तक सीमित नहीं
हिसार, 16 सितंबर (हि.स.)। डाबड़ा चौक पर स्कॉर्पियो
से दो मोटरसाइकिल सवारों को टक्कर मारने और उन्हें करीब 100 मीटर तक घसीटने के मामले
में गिरफ्तार 23 वर्षीय पारुल को दूसरी बार भी जमानत नहीं मिल सकी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश
पुनीत सहगल की अदालत ने उसकी दूसरी नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने मामले
के तथ्यों को गंभीर मानते हुए कहा कि पहली नजर में यह मामला केवल लापरवाही से वाहन
चलाने तक सीमित नहीं लगता।
पुलिस के अनुसार 14 मई को डाबड़ा चौक के पास तेज
रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी थी। टक्कर के बाद दोनों
बाइक सवार स्कॉर्पियो के साथ करीब 100 मीटर तक घसीटते चले गए। हादसे के बाद चालक मौके
से फरार हो गया था। घटना में सचिन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल
सुरेंद्र ने 22 मई को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सचिन के भाई जय प्रकाश की शिकायत पर पुलिस ने
मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार दोनों मोटरसाइकिल सवार डाबड़ा चौक के पास से
गुजर रहे थे, तभी तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
वहां दो क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिलों के अलावा स्कॉर्पियो की टूटी नंबर प्लेट, कंपनी का
लोगो और क्षतिग्रस्त ग्रिल मिली। जांच के दौरान पुलिस ने गाड़ी के मालिक से पूछताछ
की। इसके बाद पारुल को स्कॉर्पियो चलाने वाली युवती के रूप में चिन्हित किया गया। पुलिस
ने मामले में सीसीटीवी फुटेज जुटाने के साथ वाहनों की जांच करवाई और कॉल डिटेल रिकॉर्ड
खंगाले। जांच के बाद पारुल को 19 मई को गिरफ्तार किया गया। उस पर बिना वैध ड्राइविंग
लाइसेंस के वाहन चलाने का भी आरोप है।
पहली जमानत 30 मई को खारिज, हाईकोर्ट से वापस
ली थी अर्जी
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि पारुल
हिसार की रहने वाली है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए उसे जमानत दी जानी
चाहिए। पुलिस और शिकायतकर्ता पक्ष ने जमानत का विरोध किया। पारुल की पहली नियमित जमानत
अर्जी 30 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की इसी अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद
हाईकोर्ट में दायर जमानत अर्जी 16 जून को वापस ले ली गई। अब दूसरी नियमित जमानत अर्जी
भी अदालत ने खारिज कर दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

