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जींद : डा. बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम बदल कर अटल लाइब्रेरी करने पर रोष प्रदर्शन

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जींद : डा. बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम बदल कर अटल लाइब्रेरी करने पर रोष प्रदर्शन


जींद, 12 जून (हि.स.)। कांग्रेस, अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री द्वारा सरपंचों के माध्यम से भारत रत्न बाबा साहब डा. बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम बदल कर अटल लाइब्रेरी करने को लेकर शुक्रवार को रोष जताया। कांग्रेस कार्यकर्ता तथा अनुसूचित जाति के लोग रानी तालाब पर डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित हुए रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा पहुंची।

अंबेडकर चौक रानी तालाब में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर के नाम पर संचालित पुस्तकालय का नाम बदलना करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। पहले से बने और संचालित भवनों पर केवल नए फ्लेक्स बोर्ड लगाने से बाबा साहब का नाम इतिहास से नहीं मिटाया जा सकता है। यदि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर सम्मान व्यक्त करना चाहती है तो नए विकास कार्य करेए नई योजनाएं शुरू करे और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश का युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और अवसरों की कमी से जूझ रहा है। नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकार 12 वर्षों की उपलब्धियां दिखाने के लिए पुराने संस्थानों के नाम बदलने में लगी हुई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय की समीक्षा की जाए तथा पुस्तकालय का नाम पुन: भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय किया जाए। कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता अब नाम बदलने की राजनीति की वास्तविकता को समझ चुकी है। सरकार को अपनी नीयत स्पष्ट करनी चाहिए और समाज को बांटने वाले ऐसे कदमों से परहेज करना चाहिए। इसके उपरांत कुमारी सैलजा नरवाना क्षेत्र के गांव दनौदा कलां पहुंची, जहां उन्होंने सर्वजातीय बिनैन खाप के चबूतरे पर स्थापित सर्वजातीय बिनैन खाप पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तकालय किसी भी समाज की बौद्धिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र होते हैं। पढऩे की संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को ज्ञान से जोडऩा समय की आवश्यकता है। सांसद ने समाज के सभी वर्गों से शिक्षा और पुस्तकालय आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा