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हिसार : प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना ही उद्देश्य : डॉ. अशोक गोदारा

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हिसार : प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना ही उद्देश्य : डॉ. अशोक गोदारा


विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस के उपलक्ष्य

में कार्यक्रम आयोजित

हिसार, 29 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय

के कृषि प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान तथा मानव संसाधन प्रबंधन निदेशालय

के अंतर्गत स्थापित आईपीआर सेल की ओर से विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस के उपलक्ष्य

में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संस्थान के सह निदेशक डॉ. अशोक कुमार गोदारा

ने बुधवार काे बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के

महत्व के प्रति जागरूक करना था। उन्हें बताया गया कि विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा

वर्ष 2000 से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है, जिसमें प्रत्येक वर्ष एक नई थीम के

साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वर्ष 2026 की थीम ‘बौद्धिक संपदा और खेल: तैयार

हो जाइए, नवाचार शुरू कीजिए’ रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों के बीच पेटेंट,

कॉपीराइट, डिज़ाइन तथा पौध संरक्षण अधिनियम जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों

ने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल नवाचार को बढ़ावा देते हैं, बल्कि शोधकर्ताओं

को उनके कार्य के लिए उचित संरक्षण एवं पहचान भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सतीश मेहता ने शोधार्थियों

को अपने अनुसंधान कार्य को प्रारंभ से ही व्यवस्थित एवं सटीक रूप से तैयार करने की

सलाह दी, जिससे नवीनता, आविष्कार शीलता एवं उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीके शर्मा ने सभी से बौद्धिक

संपदा अधिकारों का सम्मान करने एवं नवाचार एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने का आह्वान

किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार गोयल, डॉ. संदीप भाकर, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. विकास

हुड्डा सहित डॉ. योगेश जिंदल एवं डॉ. जितेंद्र भाटिया भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर