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सोनीपत: जाट जोशी में 15.82 करोड़ से इलेक्ट्रिक बस स्टैंड के मुख्य स्टैंड का जल्द टेंडर

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सोनीपत: जाट जोशी में 15.82 करोड़ से इलेक्ट्रिक बस स्टैंड के मुख्य स्टैंड का जल्द टेंडर


सोनीपत, 09 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय

राजमार्ग-44 पर जाट जोशी में 15 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस स्टैंड

का निर्माण शुरू हो गया है। कुल 9.33 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाली इस परियोजना के

पहले चरण में 2.35 एकड़ में काम किया जा रहा है। वहीं, बची हुई सात एकड़ जमीन पर आधुनिक

मुख्य बस स्टैंड बनाया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर)

तैयार कर रहा है और जल्द ही निर्माण का टेंडर जारी किया जाएगा। शुक्रवार को विधायक

निखिल मदान ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

विधायक

निखिल मदान ने बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने सोनीपत के मौजूदा बस स्टैंड

को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई थी। सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए नए

बस स्टैंड की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से आधुनिक बस स्टैंड

बनवाने का वादा किया था, जिसे पूरा करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। शहर की बढ़ती

आबादी और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित करना जरूरी

है। नए बस स्टैंड बनने से सोनीपत के साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा

मिलेगी।

विधायक

ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस स्टैंड और प्रस्तावित मुख्य बस स्टैंड से सार्वजनिक परिवहन

व्यवस्था मजबूत होगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित होने से पर्यावरण

के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनता से किए वादे पूरे करना

और शहर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना उनकी प्राथमिकता है।

रोडवेज

महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक बस स्टैंड परिसर में बसों की मरम्मत

के लिए कार्यशाला बनाई जाएगी, जिसमें तीन बसों के रखरखाव के लिए अलग-अलग स्थान होंगे।

दो मंजिला इमारत में प्रशासनिक खंड, महिलाओं के लिए विश्राम कक्ष और लिफ्ट की सुविधा

होगी। इसके अलावा पंप कक्ष और सुरक्षा कर्मचारियों के लिए कक्ष भी बनाया जाएगा। परिसर

में बसों की पार्किंग और आवाजाही के लिए सीमेंट-कंक्रीट का फर्श बनाया जाएगा। इलेक्ट्रिक

बसों को चार्ज करने वाली मशीनों के ऊपर छत लगाई जाएगी। पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों

के लिए अलग शौचालय, पैदल चलने के लिए फुटपाथ, कैंटीन और विश्रामशाला भी बनाई जाएगी।

बसों की सफाई के लिए सीमेंट-कंक्रीट का प्लेटफॉर्म तैयार होगा। परिसर की चारदीवारी

मजबूत बनाई जाएगी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना