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शिक्षकों के प्रमोशन में लापरवाही पड़ेगी भारी, डीईईओ की तय होगी जवाबदेही

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चंडीगढ़, 08 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने अब जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) की जवाबदेही तय कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने जेबीटी/सीएंडवी शिक्षकों के टीजीटी म्यूजिक, टीजीटी आर्ट और टीजीटी फिजिकल एजुकेशन के पदों पर पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों की सूचना और आवश्यक अंडरटेकिंग तीन दिन में भेजने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने साफ किया है कि आगे इस प्रक्रिया से जुड़ी लिटिगेशन, प्रतिकूल आदेश या अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति बनी तो संबंधित डीईईओ को जिम्मेदार माना जाएगा।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक की ओर से जारी पत्र को ‘मोस्ट अर्जेंट’ के रूप में भेजा गया है। इसमें जिलों से जेबीटी/सीएंडवी शिक्षकों के टीजीटी म्यूजिक, आर्ट और फिजिकल एजुकेशन के पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र मामलों की जानकारी मांगी गई है। जो शिक्षक पदोन्नति स्वीकार नहीं करना चाहते, उनके मामलों में भी विभाग ने प्रक्रिया तय कर दी है। ऐसे शिक्षकों से पदोन्नति से इनकार की सहमति और शपथपत्र लेकर फोर्गो केस के रूप में विभाग को भेजना होगा। विभाग ने डीईईओ से यह अंडरटेकिंग भी मांगी है कि उनके जिले में टीजीटी अंग्रेजी के पद पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति अथवा फोर्गो के लिए पात्र कोई शिक्षक छूटा नहीं है। इसके अलावा संबंधित जिलों को यह प्रमाणित करना होगा कि पात्र शिक्षकों के सभी दावे पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा