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हिसार में बदलेगा टीबी अस्पताल का स्वरूप, पांच मंजिला भवन में 150 बेड की सुविधा

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हिसार में बदलेगा टीबी अस्पताल का स्वरूप, पांच मंजिला भवन में 150 बेड की सुविधा


100 बेड का आधुनिक टीबी अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगा

सीटी स्कैन से माइक्रोबायोलॉजी तक सभी सुविधाएं एक छत के नीचे

हिसार, 09 सितंबर (हि.स.)। हिसार के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती देने की

दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कंडम घोषित हो चुके पुराने टीबी अस्पताल की जगह अब

पांच मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल परिसर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित

परिसर में 100 बेड का आधुनिक टीबी अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू)

स्थापित किया जाएगा। खास बात यह होगी कि गंभीर मरीजों के इलाज से लेकर अत्याधुनिक जांच

तक की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

पुराने टीबी अस्पताल की जमीन को लेकर संरक्षित स्मारक गुजरी महल के आसपास लागू

नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर उठी आपत्तियों के बाद स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग

(पीडब्ल्यूडी) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग के अनुसार अस्पताल की मुख्य साइट गुजरी

महल के 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन से बाहर है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में

भविष्य में किसी तरह की कानूनी या तकनीकी अड़चन न आए, इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण

(एएसआई) के पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन कर दिया गया है।

मरीन चीफ इंजीनियर संदीप बाना ने बुधवार काे बताया कि पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा

के प्रयासों से पुराने टीबी अस्पताल की जगह ही नए अस्पताल परिसर को विकसित करने की

योजना है। प्रस्तावित भवन आधुनिक वास्तुकला के अनुरूप पांच मंजिला होगा और इसमें स्टिल्ट

पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

नए अस्पताल में टीबी और पल्मोनरी मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन एवं उपचार वार्ड

तैयार किए जाएंगे। इससे संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक

सावधानियों के साथ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। वहीं 50 बेड का क्रिटिकल केयर

यूनिट गंभीर एवं आपात स्थिति वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीसीयू

में वेंटिलेटर सहित आधुनिक हाईटेक लाइफ सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराने की योजना है।

अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर भी

होगा। यहां सीटी स्कैन, ऑटोमेटेड लैब और माइक्रोबायोलॉजी जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध

कराई जाएंगी। इससे मरीजों को सामान्य जांच से लेकर गंभीर बीमारियों की जरूरी जांच के

लिए दूसरे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह परियोजना पूरी होने पर हिसार का स्वास्थ्य ढांचा न केवल अधिक आधुनिक और

सुविधासंपन्न होगा, बल्कि टीबी, पल्मोनरी और गंभीर बीमारियों के मरीजों को स्थानीय

स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर