कैथल: बिजली संकट और निजीकरण को लेकर आदित्य सुरजेवाला ने सरकार को घेरा
कैथल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने प्रदेश में बिजली संकट और बिजली वितरण के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति बाधित होने से गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा है, उद्योग प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
शुक्रवार काे यहां जारी बयान में आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिजली संकट का असर अस्पतालों, उद्योगों, किसानों और ग्रामीण आबादी पर भी पड़ रहा है। उनके अनुसार, बिजली से जुड़ी समस्याओं के कारण एक किसान की ट्रांसफार्मर पर चढ़ने के दौरान जान चली गई।
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार एक निजी कंपनी को 25 साल का बिजली वितरण लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने गुड़गांव और नूंह क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित तौर पर एक साल पुरानी और एक करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनी को 4717 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट सौंपना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे निजीकरण का प्रयास बताया। हालांकि, कंपनी की पात्रता और परियोजना से संबंधित आरोपों पर सरकार या संबंधित कंपनी का पक्ष सामने आना बाकी है।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने हरियाणा विधानसभा के अंतिम दिन शून्यकाल के दौरान भी बिजली वितरण के निजीकरण का विरोध किया था। उनका कहना था कि जब सरकार शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में चुनौतियों का सामना कर रही है, तो बिजली जैसी महत्वपूर्ण सेवा निजी कंपनी को सौंपने का फैसला कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने दावा किया कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े फैसलों का असर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी और ट्यूबवेल कनेक्शन पर भी पड़ सकता है। कांग्रेस विधायक ने सरकार से प्रस्तावित बिजली वितरण लाइसेंस को तुरंत रद्द करने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

