हिसार : दो तहसीलदाराें सहित पांच को सम्मन, जमीन इंतकाल में लापरवाही की शिकायत
हिसार, 09 अप्रैल (हि.स.)। जमीन के इंतकाल (म्यूटेशन) में कथित लापरवाही और कानून की अनदेखी के एक मामले में 72 वर्षीय बुजुर्ग मांगे राम की शिकायत पर हिसार की न्यायिक दंडाधिकारी जसप्रीत कौर की अदालत ने दो तहसीलदार सहित कुल पांच आरोपियों को सम्मन जारी कर जवाब तलब किया है।
अधिवक्ता जिले सिंह कांटीवाल ने गुरुवार को बताया कि शिकायत में पटवारी दारा सिंह व सुरेश कानूनगो श्याम सुंदर तथा तहसीदार शालिनी लाठर व तहसीलदार रामनिवास भादू को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने जमीन के इंतकाल संबंधी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की और नियमों की अनदेखी की।
अदालत में दायर शिकायत के अनुसार, भिवानी के रूपाणा गांव निवासी मांगे राम ने आरोप लगाया है कि उसकी माता की मृत्यु के बाद वैध वसीयत के आधार पर जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के लिए कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन दिया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। शिकायत में पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार सहित कई अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता की माता ने वर्ष 2005 में विधिवत रजिस्टर्ड वसीयत के माध्यम से अपनी जमीन अपने वारिसों के नाम बराबर हिस्सों में बांट दी थी। इसके बावजूद, वर्ष 2024 में उनकी मृत्यु के बाद भी जमीन का इंतकाल दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने इसके लिए तहसीलदार, उपायुक्त, एसडीएम सहित कई उच्च अधिकारियों को शिकायतें भी दीं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
मामले में यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने हरियाणा लैंड रिकॉर्ड्स मैनुअल, 2013 और हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के प्रावधानों की अवहेलना की। नियमों के अनुसार, मृत्यु के बाद वसीयत के आधार पर इंतकाल दर्ज करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए और साक्ष्य बंद करने के बाद आरोपित पक्ष को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों तहत नोटिस जारी कर दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई एक जून निर्धारित की है।
इस मामले के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अधिकारियों को अपना पक्ष रखना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

