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जिला पलवल में लिंग अनुपात 889 से बढक़र हुआ 923

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जिला पलवल में लिंग अनुपात 889 से बढक़र हुआ 923


पलवल, 21 मई (हि.स.)। सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि जिला पलवल में पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे निरंतर जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप जिले के लिंगानुपात में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।

सिविल सर्जन डा. सतिंदर वशिष्ठ ने गुरूवार को जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल-2025 में जिला पलवल का लिंग अनुपात 889 था, जो अब बढक़र 923 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत, प्रशासनिक निगरानी तथा आमजन के सहयोग का सकारात्मक परिणाम है।

सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में भ्रूण हत्या एवं अवैध लिंग जांच जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसके तहत जिला पीसी-पीएनडीटी टीम द्वारा अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार छापेमारी भी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को भ्रूण हत्या या अवैध लिंग जांच से संबंधित किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वह बिना किसी भय के स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर सकता है।

सिविल सर्जन पलवल ने जिला के नागरिकों से अपील की है कि वे इस सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और भ्रूण हत्या एवं लिंग जांच जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें, ताकि समाज में बेटियों को समान अधिकार, सुरक्षा और सम्मान मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग