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हिसार में किसानों ने मंडी कार्यालय को ताला लगाकर की नारेबाजी

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हिसार में किसानों ने मंडी कार्यालय को ताला लगाकर की नारेबाजी


हिसार में किसानों ने मंडी कार्यालय को ताला लगाकर की नारेबाजी


संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान प्रदेश भर में

हुआ आंदोलन

हिसार, 20 अप्रैल (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा,

हरियाणा के आह्वान पर किसानों ने हिसार सहित प्रदेशभर की मंडियों में मंडी कार्यालयों

का घेराव करके नारेबाजी की। किसानों ने सोमवर सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक तीन घंटे

का धरना दिया और मंडी ऑफिस के गेट पर ताला लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता शमशेर नंबरदार

व राजीव मलिक ने की। आंदोलन के दौरान मंडी कार्यालय दोपहर 2 बजे तक पूरी तरह बंद रहा।

किसानों ने इस दौरान बायोमेट्रिक प्रणाली और अन्य नई शर्तों का विरोध करते हुए जमकर

नारेबाजी की। किसानों ने मांग की कि अब तक हुई गेहूं खरीद का पूरा भुगतान तुरंत किया

जाए, गेहूं के उठान में तेजी लाई जाए व गेहूं और सरसों की खरीद से संबंधित पूरा रिकॉर्ड

सार्वजनिक किया जाए।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हरियाणा सरकार

द्वारा मंडियों में फसल बिक्री के लिए नए नियम जबरदस्ती लागू किए जा रहे हैं। यह न

केवल किसानों को परेशान करने की साजिश है, बल्कि इसके माध्यम से सरकार मंडी व्यवस्था

को खत्म करना चाहती है। ऑनलाइन पोर्टल और बायोमेट्रिक प्रणाली किसानों को सुविधाओं

से वंचित करने का माध्यम बन रही है।

मोर्चा ने बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट सहित

अन्य कारणों से गेहूं में लगने वाली आग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मांग की कि फसल

के पूरे नुकसान की भरपाई के लिए सरकार स्पष्ट और ठोस नीति बनाए। इसके साथ ही केंद्र

सरकार द्वारा भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड में राज्यों के प्रतिनिधित्व को खत्म कर

केंद्र से नियुक्तियां करने तथा हरियाणा सरकार द्वारा बिजली के निजीकरण के उद्देश्य

से बनाए गए नए निगम का भी कड़ा विरोध किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि बिजली के निजीकरण और

स्मार्ट मीटर योजना किसानों पर जबरन थोपी जा रही है, जो दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान

सरकार द्वारा किए गए वादों के खिलाफ है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अभेराम फौजी, राम

लाडवा, रोशन लाल लाडवा, सुधीर सिंघवा, ईश्वर सुंडावास, रामवीर न्योली, शमशेर भेरिया,

सोमबीर पिलानियां, नसीब सातरोड, बलराज मलिक, वजीर बल्हारा, सुरेश यादव, दिलबाग हुडा,

कृष्ण पाली, रविंद्र, सूरजमल, मितु ढाका सुंडावास सहित अनेक किसान नेता और कार्यकर्ता

मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर