कैथल के लिए गौरव का क्षण, शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु को मरणोपरांत शौर्य चक्र
कैथल, 15 अगस्त (हि.स.)। कैथल जिले के लिए यह स्वतंत्रता दिवस गौरव और भावुकता से भरा अवसर है। भारतीय सेना के वीर जवान एवं कैथल निवासी शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु को मातृभूमि की रक्षा में अदम्य साहस, असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
कैथल के वर्ष 1989 में जिला बनने के बाद यह जिले के लिए पहला शौर्य चक्र होने के कारण विशेष गौरव का विषय है। लांस नायक नरेंद्र सिंधु राजपूताना राइफल्स तथा नौ राष्ट्रीय राइफल्स के जांबाज योद्धा थे। आठ नवंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र के घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस दौरान नरेंद्र सिंधु गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन अदम्य साहस का परिचय देते हुए उन्होंने घायल अवस्था में भी आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया और उन्हें मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप उनके असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देते हुए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के प्रधान जगजीत फौजी ने कहा कि कैथल जिले के लिए यह ऐतिहासिक और गर्व का विषय है। उन्होंने वीरमाता रोशनी देवी, वीर पिता दलवीर सिंह सिंधु, सिंधु परिवार, शहीद की जन्मभूमि गांव रोहेड़ा, कैथल के समस्त सैनिक परिवारों, कैथलवासियों तथा राजपूताना राइफल्स और 9 राष्ट्रीय राइफल्स को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।
जगजीत फौजी ने कहा कि शहीद नरेंद्र सिंधु जैसे वीर जवान देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार में ऐसे जांबाज बेटे जन्म लें, जो राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने का जज्बा रखें। शहीद का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैथल के हरियाणा शहीद स्मारक पार्क में पूर्व सैनिकों ने शौर्य चक्र विजेता शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सेना, वायुसेना, नौसेना तथा अर्धसैनिक बलों के पूर्व सैनिकों ने सामूहिक रूप से शहीद को नमन किया और शासन-प्रशासन को भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से अवगत कराया।
शहीद के पैतृक गांव रोहेड़ा में भी उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामवासियों, विद्यार्थियों, सरपंच, पंचायत सदस्यों, सैनिक परिवारों और शहीद के परिजनों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। ग्रामीणों ने कहा कि नरेंद्र सिंधु ने गांव और जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है और उनका बलिदान हमेशा अमर रहेगा। इस अवसर पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी शौर्य चक्र विजेता शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु के परिवार और कैथलवासियों को बधाई देते हुए उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

