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कैथल: लिंगानुपात सुधारने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कसेगा शिकंजा

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कैथल: लिंगानुपात सुधारने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कसेगा शिकंजा


कैथल, 10 सितंबर (हि.स.)। जिले में लिंगानुपात सुधारने और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड व एमटीपी केंद्रों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लघु सचिवालय में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक बैठक और जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में एडीसी सुशील कुमार ने अधिकारियों को जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों, एमटीपी केंद्रों और मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के साथ-साथ औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। एडीसी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की निगरानी में आशा वर्कर और एएनएम की भूमिका अहम है। इनके माध्यम से संदिग्ध मामलों पर नजर रखी जाए और अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित किया जाए। उन्होंने अवैध एमटीपी किट की बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों की जांच करने तथा जरूरत पड़ने पर डिकॉय ऑपरेशन के जरिए कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई से ही लिंगानुपात में सुधार संभव नहीं है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। आशा वर्कर, एएनएम और स्थानीय लोगों की भागीदारी से जागरूकता रैलियां आयोजित करने और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि जिले में फिलहाल 31 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। डिप्टी सिविल सर्जन की टीम इन केंद्रों की हर माह औचक जांच कर रही है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेज भी देखे जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे