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नूंह में नकली पनीर के कारोबार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छह डेयरियों पर छापेमारी

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नूंह में नकली पनीर के कारोबार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, छह डेयरियों पर छापेमारी


नूंह, 01 नवंबर (हि.स.)। नूंह जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फिरोजपुर झिरका तहसील के गांव गुज्जर नंगला में छह डेयरियों पर एक साथ छापेमारी की। उपायुक्त अखिल पिलानी के निर्देश पर शनिवार की देर रात चलाए गए इस अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने मौके पर मिले 5,319 किलोग्राम पनीर को गड्ढे में दबाकर नष्ट कराया। पनीर के सात नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए और 818 किलोग्राम संदिग्ध कच्ची सामग्री एवं रसायनों को सील किया गया।

यह कार्रवाई एसडीएम फिरोजपुर झिरका रुहानी एस डी एम की मौजूदगी में चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में की गई। अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के छह खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें शामिल रहीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विकास जागलान ने बताया कि गांव गुज्जर नंगला स्थित छह डेयरियों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पनीर निर्माण में इस्तेमाल की जा रही कई संदिग्ध सामग्रियां बरामद हुईं। इनमें पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, सोया उत्पादों के अलावा रंग काटने वाला पदार्थ (रंगकट) और कपड़ों की सफेदी व चमक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला रसायन रैनिपाल फैब्रिक व्हाइटनर भी शामिल है। विभागीय टीम ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान डेयरियों में मिला कुल 5,319 किलोग्राम पनीर प्रशासनिक निगरानी में गड्ढे में दबाकर नष्ट कराया गया। संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे पनीर को बाजार में पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। इसके अलावा अलग-अलग डेयरियों से पनीर के सात नमूने लेकर खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान एक डेयरी परिसर से 750 किलोग्राम मिल्क पाउडर, 60 किलोग्राम पाम ऑयल, पांच किलोग्राम रैनिपाल फैब्रिक व्हाइटनर और तीन किलोग्राम रंगकट बरामद किया गया। कुल 818 किलोग्राम संदिग्ध सामग्री एवं रसायनों को विभागीय टीम ने सील कर दिया। इनके इस्तेमाल और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है।

उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दूध और दुग्ध उत्पादों में संदिग्ध रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया