हिसार : बालिकाओं के उत्थान के लिए सेवा भारती ने शुरू किए चार नए केंद्र
पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा प्रवेश
हिसार, 27 अगस्त (हि.स.)। सेवा भारती की जिला इकाई ने बालिकाओं के शिक्षा,
कौशल विकास और सर्वांगीण उत्थान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ऋषि नगर स्थित बाल वाटिका
में चार नए केंद्र शुरू किए हैं। गली नंबर-छह, ऋषि नगर स्थित सेवा भारती बाल वाटिका
में मां शारदा लाइब्रेरी, सक्षम कंप्यूटर सेंटर, स्वामी विवेकानंद कोचिंग सेंटर और
रानी दुर्गावती समर्थ किशोरी विकास केंद्र शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों में बालिकाओं
के समग्र विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रवेश पहले आओ-पहले पाओ
के आधार पर दिया जाएगा।
संस्था जिला अध्यक्ष अम्बिका प्रसाद ने गुरुवार काे पत्रकार वार्ता में बताया कि सेवा
भारती का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों, विशेषकर बालिकाओं को शिक्षा और विकास
के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कंप्यूटर ज्ञान, प्रतियोगी
परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बालिकाओं को
तैयार किया जाएगा।
जिला सचिव डॉ. सुदर्शन सोनी ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों के उत्थान
के लिए सेवा भारती के विभिन्न केंद्रों पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है। संस्था
की ओर से शिक्षा, स्वावलंबन, सामाजिक सरोकार और स्वास्थ्य जैसे आयामों पर ध्यान केंद्रित
करते हुए बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य किया जा रहा है।
जिला प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक गर्ग ने बताया कि हिसार शहर में सेवा भारती की
ओर से पांच स्थानों पर पूर्णकालिक स्कूल, दो स्थानों पर पुस्तकालय, दो कोचिंग सेंटर,
गांव लाडवा में छात्रावास, सात स्थानों पर सिलाई केंद्र, भारत नगर में मेहंदी प्रशिक्षण
केंद्र, पांच स्थानों पर समर्थ किशोरी विकास वर्ग, चार स्थानों पर भजन-कीर्तन प्रकल्प
और दो स्थानों पर कंप्यूटर केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रकल्पों
के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने
का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में जिला उपाध्यक्ष डॉ. शिल्पा सर्राफ, प्रकल्प प्रभारी कृष्णलाल
व नरेंद्र वाष्र्णेय, शिक्षा आयाम प्रमुख राजेंद्र मलिक और समर्थ किशोरी प्रकल्प प्रभारी
मधु गोयल ने भी संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

