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हरियाणा सफाई कर्मियाें की हड़ताल खत्म, सरकार ने कई मांगे मानी

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हरियाणा सफाई कर्मियाें की हड़ताल खत्म, सरकार ने कई मांगे मानी


पानीपत, 30 मई (हि.स.)। हरियाणा के गांवों में अब चार सौ की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी नियुक्त होगा और सरकार की तरफ से डयूटी के दौरान मृत्यु होने की सूरत में आश्रितों को एक पक्की नौकरी तथा 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों की यह मांगें पूरी किए जाने के बाद राज्य में करीब एक माह से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को खत्म हो गई। आज से सभी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।

शुक्रवार को देररात पानीपत में हड़ताली कर्मचारियों के संगठन तथा प्रदेश सरकार के बीच बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी। हरियाणा सरकार की तरफ से सामाजिक न्याय आधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी तथा विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव यशपाल, पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विभाग के महानिदेशक सहित कई आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मांगों के वित्तीय व कानूनी पहलुओं को तुरंत मंजूरी दी।

विभागीय अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले एक माह से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। हड़ताल के दौरान कई जगहों पर कचरे के ढेर लग गए।

बीती रात कई घंटे तक चली बैठक में राज्य सरकार ने 18 में से 17 मांगों को मान लिया, जिसके बाद यूनियन ने हड़ताल को तुरंत प्रभाव से वापस लेने का ऐलान कर दिया। सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण इसे लंबित कर दिया गया। प्रदेशभर के सफाईकर्मी स्थाई नौकरी, वेतन बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे थे।

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग थी कि 31 दिसंबर 2005 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए। ये मामला हाई कोर्ट के एक फैसले से जुड़ा है, इसलिए सरकार इस कानूनी फैसले की गहनता से समीक्षा करेगी और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस एक मांग को छोडक़र बाकी सभी 17 मांगों पर पूर्ण सहमति बन गई है।

अब प्रत्येक गांव में प्रति 400 व्यक्ति की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा, जिससे काम का बोझ कम होगा और नए रोजगार मिलेंगे। न्यूनतम वेतन को तुरंत प्रभावी रूप से लागू करवाया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों का वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और झाड़ू-कस्सी जैसे औजार खरीदने के भत्ते में बढ़ोतरी की जाएगी।

सफाईकर्मियों के लिए एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी लागू होगी। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा और एक पक्की सरकारी नौकरी दी जाएगी। सामान्य मृत्यु पर भी आश्रित को नौकरी मिलेगी। सेवाकाल पूरा होने के बाद सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को एकमुश्त ₹10 लाख रुपए और ग्रेच्युटी का पूरा लाभ दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा