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रेवाड़ी: खाद्यान्न उत्पादन में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान: शिवराज सिंह

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रेवाड़ी: खाद्यान्न उत्पादन में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान: शिवराज सिंह


हरियाणा एफपीओ का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- मिट्टी की सेहत बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत

रेवाड़ी, 30 जून (हि.स.)। रेवाड़ी जिले के बावल में मंगलवार को आयोजित खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा एफपीओ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और खेती में तकनीक के अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उत्पादन बनाए रखने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत को बचाना भी उतना ही जरूरी है। किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग केवल मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो और भूमि की उर्वरता भी बनी रहे।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार खेती की सेहत सुधारने के लिए एक आधुनिक मोबाइल एप विकसित कर रही है। एप शुरू होने के बाद किसान अपने खेत की मिट्टी की स्थिति की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से यह भी पता चलेगा कि फसल के लिए कितनी मात्रा में खाद और दवाइयों की आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर किसान कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगी।

प्राकृतिक एवं जैविक उपज बेचने के लिए विशेष स्थान होंगे उपलब्धः नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पोर्टल शुरू किया है। कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जबकि पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल में प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकारी स्वामित्व वाली भूमि केवल प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को ही दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16530 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला