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रेवाड़ी में तेज गरज के साथ ओलावृष्टि, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह

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रेवाड़ी में तेज गरज के साथ ओलावृष्टि, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह


बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट, नारनौल में सबसे कम 12.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड

रेवाड़ी, 15 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज गरज-चमक के साथ ओले गिरने और हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर खेतों में कटाई के लिए पड़ी सरसों की फसल पर भी पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में खेतों में रखी सरसों की फसल बूंदाबांदी से भीग गई, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। इसके प्रभाव से रविवार को तेज ठंडी हवाएं भी चलीं। हवाओं की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। नारनौल में सबसे कम 12.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से कम माना जा रहा है। मौसम के इस बदलाव से दिन और रात दोनों के तापमान में कमी आई है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के कई हिस्सों में गरज.चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उधर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक खेतों में सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचना चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के कारण दवाइयों का असर कम हो सकता है और फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि जिन किसानों की सरसों की फसल कटकर खेतों में पड़ी है, वे मौसम साफ होते ही उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास करें, ताकि बारिश और नमी से फसल को ज्यादा नुकसान न हो। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को भी मौसम की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम के उतार.चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला