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रेवाड़ी में बिजली निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का मार्च, हड़ताल की दी चेतावनी

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रेवाड़ी में बिजली निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का मार्च, हड़ताल की दी चेतावनी


विद्युत सदन से सचिवालय तक पैदल प्रदर्शन, एग्रो डिस्कॉम को निगम सौंपने का किया विरोध

रेवाड़ी, 29 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बुधवार को रेवाड़ी के बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने झज्जर रोड स्थित विद्युत सदन से सचिवालय तक पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि बिजली निगम को किसी भी कीमत पर निजी कंपनियों के हवाले नहीं होने दिया जाएगा।

सुबह बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी विद्युत सदन परिसर में एकत्रित हुए।

इसके बाद वे शहर के मुख्य बाजार से होते हुए पैदल सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में तख्तियां लेकर नारे लगाए और सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उनका आरोप था कि कभी स्मार्ट मीटर लगाने और कभी अन्य योजनाओं का हवाला देकर बिजली निगम को एग्रो डिस्कॉम जैसी मुखौटा कंपनियों के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी इस प्रयास को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे।

वक्ताओं ने कहा कि बिजली निगम प्रदेश की जनता की संपत्ति है और इसका निजीकरण कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों के भी खिलाफ है। यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम लोगों को भी निजीकरण के संभावित प्रभावों से अवगत कराया जा सके।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इसके बावजूद नहीं मानी तो बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कर्मचारियों ने कहा कि वे बिजली निगम को एग्रो डिस्कॉम जैसी किसी भी निजी कंपनी को सौंपने के विरोध में अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला