रेवाड़ी: कोसली बस स्टैंड के नामकरण पर फिर छिड़ी रार, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
रेवाड़ी, 27 अक्टूबर (हि.स.)। कोसली में 11 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से बन रहे नए बस स्टैंड के नामकरण को लेकर कोसली और भाकली गांव के बीच विवाद फिर गहरा गया है। मंगलवार को कोसली विकास मंच के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण मिनी सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निर्माणाधीन बस स्टैंड का नाम कोसली ही रखने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड पहले से कोसली के नाम से संचालित है। भवन जर्जर होने के कारण इसका दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में बस स्टैंड का नाम बदलने की मांग का कोई औचित्य नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि नए बस स्टैंड का नाम पहले की तरह कोसली ही रखा जाए। वहीं, इससे पहले 21 अक्टूबर को भाकली गांव के ग्रामीणों ने बस स्टैंड का नाम शहीद सत्यप्रकाश के नाम पर रखने की मांग उठाई थी। इसके बाद दोनों गांवों के बीच नामकरण को लेकर विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
गौरतलब है कि कोसली विधायक अनिल यादव ने 16 अक्टूबर को करीब 11 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए बस स्टैंड के सब-डिपो का भूमि पूजन किया था। निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद नामकरण को लेकर दोनों गांवों की मांगें सामने आने लगीं। अब मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। दोनों गांवों के बीच किसान भवन और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नामकरण को लेकर भी पहले विवाद हो चुका है। उस दौरान कोसली के लोगों ने चुनाव बहिष्कार तक का निर्णय लिया था। पूर्व में नामकरण को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में भी बदल चुका है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई ग्रामीणों को जेल जाना पड़ा था। ऐसे में नए बस स्टैंड के नामकरण का मुद्दा एक बार फिर प्रशासन के सामने चुनौती बन गया है। अब इस मामले में प्रशासन के अगले कदम पर दोनों गांवों की नजरें टिकी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

