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रेवाड़ी में ब्लैकआउट से बिजली-पानी संकट, फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप

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1100 से अधिक बिजली कर्मचारी हड़ताल पर, ग्रामीणों ने लगाया जामजिला बार एसोसिएशन ने किया वर्क सस्पेंड

रेवाड़ी, 23 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली संकट के बाद अब पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। सरकारी स्कूलों में पानी नहीं पहुंचने से शिक्षकों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की सूचना पहले से होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। 24 घंटे से बिजली गुल रहने के कारण घरों में लगे इन्वर्टर भी ठप हो गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से किए गए अतिरिक्त व्यवस्थाओं के दावे भी धरातल पर नजर नहीं आए। शुक्रवार को जिले में 1100 से अधिक बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बिजली और पानी की समस्या से परेशान गांव मुसेपुर के ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाए रखा। इससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। बाद में खोल थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया।

बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-13, सेक्टर-14 और सेक्टर-तीन में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। इसके चलते 100 से अधिक फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया है। बिजली नहीं मिलने से फैक्ट्री प्रबंधन को कर्मचारियों की छुट्टी करनी पड़ी। पावर हाउस में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बिजली आपूर्ति दोबारा सुचारू करने में परेशानी आ रही है। बिजली संकट का असर जिला बार परिसर में भी देखने को मिला। बिजली नहीं होने से वकीलों को कामकाज में परेशानी हुई। इसके चलते बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को वर्क सस्पेंड कर दिया। बिजली-पानी संकट से आमजन, औद्योगिक इकाइयों और सरकारी संस्थानों की गतिविधियां प्रभावित होने से जिले में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला