रेवाड़ी आईजीयू में बनेगी गीता पीठ, नए संस्थानों को मिली मंजूरी
कार्यकारिणी परिषद की बैठक में शैक्षणिक, शोध और प्रशासनिक प्रस्तावों पर लगी अंतिम मुहर
रेवाड़ी, 20 सितंबर (हि.स.)। रेवाड़ी के इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू), मीरपुर में श्रीमद्भगवद्गीता के दर्शन और शिक्षाओं पर शोध को बढ़ावा देने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता पीठ स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में बहुविषयक अध्ययन संस्थान और विश्वविद्यालय अभियांत्रिकीय एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई है। इन प्रस्तावों पर कार्यकारिणी परिषद ने अंतिम मुहर लगाई।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी की अध्यक्षता में रविवार को सरदार पटेल भवन के बोर्ड रूम में कार्यकारिणी परिषद की 52वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में अकादमिक काउंसिल की ओर से अनुशंसित विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध, प्रशासनिक, वित्तीय और संबद्धता से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद परिषद ने प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
कार्यकारिणी परिषद ने विश्वविद्यालय की विभिन्न पीठों में नियमित सीटों के अतिरिक्त प्रति पीठ एक अतिरिक्त पीएचडी सीट देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। श्रीमद्भगवद्गीता पीठ के माध्यम से गीता के दर्शन और शिक्षाओं पर केंद्रित शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में उद्योग और व्यावहारिक क्षेत्र के विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय से जोड़ने के लिए प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के चयन समिति की सिफारिशों को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा विभिन्न विभागों में विजिटिंग प्रोफेसर, एडजंक्ट फैकल्टी, डिस्टिंग्विश्ड फैकल्टी और चेयर प्रोफेसरों की नियुक्तियों को स्वीकृति दी गई। सलाहकार, तकनीकी सलाहकार (वित्त) और सलाहकार (बागवानी) की नियुक्तियों को भी मंजूरी दी गई।
सत्र 2026-27 के लिए संबद्ध शिक्षा महाविद्यालयों में बीएड, बीएलएड, बीएड (स्पेशल एजुकेशन) और एमएड पाठ्यक्रमों की प्रवेश विवरणिका को भी मंजूरी दी गई। यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के प्रवेश ब्रोशर और दिशानिर्देशों को स्वीकृति मिली।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि कार्यकारिणी परिषद विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से आईजीयू के शैक्षणिक और शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

