हरियाणा में रमी व पोकर अब ‘कौशल’ आधारित खेल माने जाएंगे
-सरकार ने सार्वजनिक द्यूत रोकथाम अधिनियम में किया संशोधन
-मनोरंजन के लिए खेल सकेंगे रमी-पोकर
चंडीगढ़, 11 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ताश के खेल में रमी और पोकर को पारंपरिक जुए की श्रेणी से बाहर कर दिया है। अब इन्हें कौशल आधारित खेल माना जाएगा। हरियाणा के गृह सचिव सुधीर राजपाल की ओर से शुक्रवार को हरियाणा सार्वजनिक द्यूत रोकथाम अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी की गई है। इसके बाद केवल मनोरंजन के लिए रमी व पोकर खेलने पर इसे जुआ मानकर रोक नहीं लगाई जा सकेगी। सरकार ने रमी और पोकर को ऐसे खेल के रूप में माना है, जिनमें परिणाम केवल किस्मत से तय नहीं होता।
खिलाड़ी की बुद्धिमत्ता, अनुभव, एकाग्रता और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी आधार पर इन्हें कौशल आधारित खेल की श्रेणी में रखा गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में एक केस का फैसला देते हुए रमी और पोकर को जुए की पारंपरिक श्रेणी में नहीं रखने के निर्देश दिए गए थे। अब राज्य सरकार ने कानून में संशोधन कर इस स्थिति को स्पष्ट रूप दे दिया है।
सरकार ने रमी और पोकर को पूरी तरह खुली छूट नहीं दी है। अधिसूचना में इनके मनोरंजन के लिए खेले जाने की बात स्पष्ट है। यदि कोई व्यक्ति इन खेलों में रुपये-पैसे की शर्त लगाता है या जुए के तौर पर खेलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रविधान बना रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

