हिसार : सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनी रामलीला, मुस्लिम युवक निभा रहे नारद, दशरथ और कैकेयी की भूमिका
हिसार, 11 अक्टूबर (हि.स.)। आदमपुर के कॉलेज रोड पर पिछले 25 वर्षों
से आयोजित हो रही गणेश रामलीला सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रही है। इस रामलीला
में हिंदू और मुस्लिम युवक मिल-जुलकर विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाते आ रहे हैं।
इस बार भी मुस्लिम युवक नारद, राजा दशरथ, कैकेयी सहित कई अन्य पात्रों का अभिनय कर
रहे हैं। रामलीला में संगीत की जिम्मेदारी भी मुस्लिम युवक हुसैन मोहम्मद संभाल रहे
हैं।
रामलीला में नारद की भूमिका शरीफ मोहम्मद, राजा
दशरथ की भूमिका हनीफ मोहम्मद और कैकेयी की भूमिका साजिद निभा रहे हैं। खास बात यह है
कि अब इन युवकों के छोटे-छोटे बच्चे भी रामलीला में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखा रहे
हैं। इस तरह यह आयोजन आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
यह रामलीला उन लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो
अपने राजनीतिक हित साधने के लिए लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का प्रयास
करते हैं। रामलीला के मंच पर विभिन्न समुदायों के युवाओं की साझा भागीदारी यह दर्शाती
है कि कला और संस्कृति लोगों को जोड़ने का माध्यम बन सकती हैं। यदि देशवासी भी इसी तरह आपसी प्रेम, सद्भाव और
भाईचारे के साथ रहें तथा देश की मजबूती के लिए मिलकर काम करें, तो समाज में एकता और
विश्वास को और मजबूत किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

