हरियाणा में राइस मिलर्स का 2600 करोड़ का भुगतान अटका
- प्रदेशभर के राइस मिलर्स ने चंडीगढ़ में किया प्रदर्शन
- भुगतान न होने पर धान का उठान न करने की चेतावनी
चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। प्रदेशभर के राइस मिलर्स ने 2600 करोड़ रुपये के धान स्टॉक का भुगतान होने के खिलाफ चंडीगढ़-17 स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार को चेताया कि यदि 2600 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ तो आगामी धान सीजन के दौरान मंडियों से धान का उठान नहीं करेंगे। एसोसिएशन की ओर से हंसराज सिंगला और ज्वैल सिंगला ने स्पष्ट किया राइस मिलर्स लंबे समय से इस मामले को मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।धान खरीद से संबंधित निर्धारित अंतिम तिथि 30 जून को समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद करीब 2,600 करोड़ रुपये की राशि और धान के स्टॉक से जुड़ा मामला लंबित है। इससे प्रदेशभर के मिलर्स गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।
मिलर्स ने सरकार से मांग की कि लंबित राशि का तत्काल भुगतान किया जाए और धान के स्टॉक से संबंधित समस्या का भी निपटारा किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आगामी धान सीजन में राइस मिलर्स किसानों से धान का उठान नहीं करेंगे।
एसोसिएशन ने कहा कि धान उठान प्रभावित होने की स्थिति में किसानों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मिलर्स ने यह भी चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर के राइस मिलर्स और किसान सडक़ पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने सरकार से समय रहते हस्तक्षेप कर भुगतान और स्टॉक से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान करने की मांग की।
इस अवसर पर सौरभ गुप्ता, राज कुमार गुप्ता, राजिंदर मोंगा, बलराज देसवाल, नरेश बंसल, रविंदर शर्मा, नरेश मेहता और रामपाल गोयल समेत एसोसिएशन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

