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हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के 11 शिक्षक-शोधकर्ता विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल

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हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के 11 शिक्षक-शोधकर्ता विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल


स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की वर्ष 2026 की प्रतिष्ठित सूची में मिली वैश्विक

पहचान

एल्जीवियर डाटा रिपॉजिटरी के शोध एवं उद्धरण संबंधी आंकड़ों के आधार पर हुआ

चयन

हिसार, 08 अक्टूबर (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विश्वविद्यालय ने शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय

के विभिन्न विभागों के 11 शिक्षक एवं शोधकर्ता वर्ष 2026 में विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत

वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुए हैं। यह सूची अमेरिका के स्टैनफोर्ड

विश्वविद्यालय द्वारा शोध प्रभाव और शोध-पत्रों के उद्धरण के आधार पर तैयार की गई है।

कुलपति प्रो. विजय कुमार ने सभी शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को इस उपलब्धि के

लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने

कहा कि विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, समावेशिता और शोध के व्यापक प्रभाव

पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। 11 शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं का वैश्विक स्तर पर

प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना उनके समर्पित प्रयासों, निरंतर शोध कार्य और अकादमिक

उत्कृष्टता का परिणाम है।

कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने भी सभी शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने

कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान विश्वविद्यालय के शोध एवं अकादमिक वातावरण

की गुणवत्ता को प्रदर्शित करती है तथा अन्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को भी उत्कृष्ट

शोध के लिए प्रेरित करेगी।

इन शिक्षकों को मिली वैश्विक पहचान

वर्ष 2026 की प्रतिष्ठित सूची में प्रो. नीरज दिलबागी, प्रो. महेश कुमार, प्रो.

जय देवी, प्रो. कश्मीरी लाल, प्रो. अश्वनी कुमार, प्रो. दिनेश ढींगड़ा, डॉ. राकेश कुमार

सिंधु, डॉ. रेखा राव, प्रो. आशीष अग्रवाल, डॉ. नवनीधि छिकारा और प्रो. भूपेंद्र सिंह

शामिल हैं। इनमें प्रो. नीरज दिलबागी, प्रो. महेश कुमार, प्रो. जय देवी, प्रो. कश्मीरी

लाल, प्रो. अश्वनी कुमार, प्रो. दिनेश ढींगड़ा, डॉ. राकेश कुमार सिंधु, डॉ. रेखा राव,

प्रो. आशीष अग्रवाल और प्रो. भूपेंद्र सिंह ने करियर-दीर्घकालिक सूची में भी स्थान

प्राप्त किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर