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यमुनानगर: 250 साल पुराने राजाजी महल की दीवार गिरी, बुजुर्ग दंपत्ति मलबे में फंसा

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यमुनानगर: 250 साल पुराने राजाजी महल की दीवार गिरी, बुजुर्ग दंपत्ति मलबे में फंसा


यमुनानगर, 12 अगस्त (हि.स.) यमुनानगर के जगाधरी में लगातार हो रही बारिश के दौरान बुधवार काे करीब 200 से 250 साल पुराने राजाजी महल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। महल की करीब 18 इंच चौड़ी विशाल दीवार मलबे के साथ सामने स्थित मकान और गली में जा गिरी। हादसे में मकान के अंदर मौजूद बुजुर्ग दंपत्ति मलबे में फंस गया। आसपास के लोगों ने तत्काल पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला। हादसे में दंपत्ति को चोटें आईं और उन्हें उपचार दिलाया गया।

घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में दीवार गिरने से पहले उसका एक हिस्सा धीरे-धीरे नीचे आता दिखाई देता है। इसके करीब 10 सेकेंड पहले एक स्कूटी सवार भी वहां से गुजरता है। घटना के समय गली में एक बच्चा भी मौजूद था। मकान मालिक रोहित बंसल ने बताया कि हादसे के समय वह घर पर नहीं था। सूचना मिलने पर जब वह पहुंचा तो उसके माता-पिता मलबे में फंसे मिले। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। महल का मलबा गिरने से मकान को भी काफी नुकसान हुआ है। रोहित ने प्रशासन से महल के शेष जर्जर हिस्से का निरीक्षण कर खतरे वाले भागों को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार महल करीब दो से ढाई शताब्दी पुराना है और इसे राजा ज्योति प्रसाद से जुड़ा बताया जाता है। महल के वंशज ब्रह्मप्रकाश ने कहा कि जिन लोगों के मकान या सामान को नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने शेष हिस्से की भी जांच कराने की बात कही है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, क्षेत्र कभी दयालगढ़ जागीर का हिस्सा था। अंग्रेजी शासन के दौरान ज्योति प्रसाद को 1905 में ‘राजा’ की उपाधि दी गई थी। जगाधरी सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल दंपती को उपचार दिलाया गया और महल के मालिकों को आवश्यक सुरक्षा निर्देश दिए गए। गली से मलबा हटवाकर लोगों की आवाजाही सुरक्षित कराई गई।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार