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हिसार : काउंसलिंग से कई परिवारों को मिला सहारा, मां से बिछड़ी तीन माह की बच्ची को दिलाया संरक्षण

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हिसार : काउंसलिंग से कई परिवारों को मिला सहारा, मां से बिछड़ी तीन माह की बच्ची को दिलाया संरक्षण


महिला संरक्षण अधिकारी के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी

निभा रही पुलिस

महिलाओं के भरण-पोषण से लेकर बेसहारा बुजुर्ग

महिला को परिवार में सम्मान दिलाने तक की पहल

हिसार, 06 नवंबर (हि.स.)। जिला पुलिस कानून-व्यवस्था

बनाए रखने के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा

सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रयासरत है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के

निर्देशन में महिला संरक्षण अधिकारी बबीता द्वारा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित शिकायतों

पर संवेदनशीलता से कार्रवाई की जा रही है।

काउंसलिंग और आपसी समन्वय के माध्यम से पारिवारिक

विवादों का समाधान करवाने के साथ जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को राहत पहुंचाई जा रही

है। इसी कड़ी में पिछले दिनों जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के सहयोग से जिले के सभी

ब्लॉकों में ग्राम स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में 202

गांवों ने अपने गांव को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित किए। महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित शिकायतों पर

कार्रवाई करते हुए महिला संरक्षण अधिकारी ने काउंसलिंग के माध्यम से कई परिवारों को

राहत पहुंचाई। एक मामले में पति-पत्नी के बीच आर्थिक सहायता को लेकर विवाद था। काउंसलिंग

के दौरान पति ने पत्नी और बच्चों के पालन-पोषण के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने

के साथ बच्चों की स्कूल फीस और जरूरत के अनुसार दवाइयों का खर्च उठाने पर सहमति जताई।

एक अन्य मामले में पति ने तीन माह की बच्ची को

उसकी मां से अलग कर दिया था। काउंसलिंग के माध्यम से बच्ची को वापस उसकी मां के पास

पहुंचाया गया। वहीं, एक युवती से संबंधित मामले में उसके परिजनों को उसकी शिक्षा और

रहने की व्यवस्था करने के लिए समझाया गया। इसके बाद युवती के लिए पीजी में रहने, पढ़ाई

और अन्य जरूरी खर्चों की व्यवस्था करवाई गई। उसे आवश्यक किताबें और सामान भी उपलब्ध

करवाया गया।

बेसहारा बुजुर्ग महिला को परिवार में दिलाया सम्मानजनक

आश्रय

पुलिस की मानवीय पहल का एक अन्य मामला गांव मंगाली

की बुजुर्ग महिला से जुड़ा है। महिला को उसके बेटों ने घर से बाहर कर दिया था। इसके

बाद उसके रहने के लिए वन स्टॉप सेंटर में व्यवस्था करवाई गई। महिला की शिकायत बमहिला

संरक्षण अधिकारी तक पहुंचने पर मामले में तत्परता से संज्ञान लिया गया। महिला संरक्षण

अधिकारी ने पंचायत से संपर्क कर आपसी समन्वय स्थापित किया। इसके बाद बुजुर्ग महिला

को उसके बेटों के घर में ही अलग कमरा दिलवाकर रहने की व्यवस्था करवाई गई, ताकि वह सुरक्षित

और सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर